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Uttar Pradesh : हापुड़ के शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले के नारे, सबली महादेव मंदिर में लगी भक्तों की लंबी कतारें, किया जलाभिषेक

Hapur News : हापुड़ में सावन माह में शिव भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिलेभर के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

वहीं गांव सबली में स्थित प्रसिद्ध सबली महादेव मंदिर में इस दौरान सबसे ज्यादा भीड़ नजर आ रही है। सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। हर तरफ बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं।

भक्तों की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सबली महादेव मंदिर की मान्यता बहुत पुरानी है। यहां मन्नत मांगने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, इसी आस्था के चलते सावन में यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

Uttar Pradesh : हापुड़ में नहर में कूदा मंदबुद्धि कांवड़िया, पुलिस और लोगों ने बचाई जान

Hapur News : जनपद हापुड़ में थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव छपकौली स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास एक कांवड़िया नहर में कूद गया। समय रहते पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार गांव लुखराड़ा निवासी अमर मंदबुद्धि है। वह पवित्र गंगाजल लेकर सोमवार को छपकौली के शिव मंदिर पहुंचा था। दोपहर करीब एक बजे अचानक उसने मंदिर के पास बह रही नहर में छलांग लगा दी और गहरे पानी में डूबने लगा।

कांवड़िया को डूबता देख वहां मौजूद कांवड़ियों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर मौके पर ड्यूटी कर रहे थाना प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। इसी बीच एक युवक ने कांवड़िया को बचाने के लिए चादर उसकी ओर फेंकी। डूबते हुए अमर ने चादर पकड़ ली और उसकी मदद से उसे बाहर निकाल लिया गया।

पुलिस के अनुसार कांवड़िया पूरी तरह सुरक्षित है। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और युवक की सूझबूझ की सराहना की।

Kanwar Yatra: चिंतामणि चौक पर खुद मोर्चे पर उतरे DCP के. रमेश, डाक कांवड़ियों की सुरक्षित एंट्री के लिए पुलिस ने संभाली कमान

Kanwar Yatra: चिंतामणि चौक पर खुद मोर्चे पर उतरे DCP के. रमेश, डाक कांवड़ियों की सुरक्षित एंट्री के लिए पुलिस ने संभाली कमान

रिपोर्ट: रवि डालमिया

सावन के पावन महीने में दिल्ली में डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले कांवड़ियों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक के DCP के. रमेश खुद चिंतामणि चौक पहुंचे और मौके पर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

DCP के. रमेश ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर डाक कांवड़ियों की बढ़ती आवाजाही के बीच तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ TI शाहदरा, TI भजनपुरा और TI नंद नगरी की टीमें भी मौजूद रहीं। पुलिसकर्मी दिल्ली में प्रवेश कर रहे बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों के सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन को सुनिश्चित करने में जुटे रहे।

चिंतामणि चौक पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस के जवान लगातार यातायात को नियंत्रित करते नजर आए। पुलिस की प्राथमिकता रही कि शिवभक्तों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए और उनकी आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही आम वाहन चालकों के लिए भी यातायात को यथासंभव सुचारु बनाए रखने की कोशिश की गई।

डाक कांवड़ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेजी से दिल्ली की ओर प्रवेश करते हैं। ऐसे में प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिसकर्मी लगातार सड़क पर रहकर कांवड़ियों की दिशा और यातायात के प्रवाह को नियंत्रित कर रहे हैं।

DCP के. रमेश की मौके पर मौजूदगी से पुलिस टीम का मनोबल भी बढ़ा। अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते दिखाई दिए। इससे यह साफ है कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन जमीनी स्तर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।

पुलिस अधिकारियों और जवानों की सक्रियता का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता के लिए यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाए रखना है। कांवड़ियों के प्रति सम्मान और आम वाहन चालकों की सुविधा के बीच संतुलन कायम करते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लगातार मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रही है।

Kanwar Yatra: डाक कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर शाहदरा में विधायक संजय गोयल और DCP ट्रैफिक के. रमेश ने लिया जायजा

Kanwar Yatra: डाक कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर शाहदरा में विधायक संजय गोयल और DCP ट्रैफिक के. रमेश ने लिया जायजा

रिपोर्ट: रवि डालमिया

सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच रही है। बड़ी संख्या में डाक कांवड़ लेकर शिवभक्त दिल्ली की ओर पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शाहदरा विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में कांवड़ समिति के विधायक सदस्य संजय गोयल ने अपनी विधानसभा शाहदरा में DCP ट्रैफिक के. रमेश के साथ मौके पर पहुंचकर दिल्ली में प्रवेश कर रहे डाक कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विधायक संजय गोयल और DCP ट्रैफिक के. रमेश ने सड़क पर उतरकर कांवड़ियों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने यह देखा कि डाक कांवड़ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और उनके आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।

डाक कांवड़ के दौरान तेज गति से आने वाले शिवभक्तों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहता है। इसे देखते हुए शाहदरा क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस के जवानों की विशेष तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी सड़क पर लगातार मौजूद रहकर कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम वाहन चालकों के यातायात को भी नियंत्रित कर रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान विधायक संजय गोयल ने कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं DCP ट्रैफिक के. रमेश ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने डाक कांवड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और आम लोगों के आवागमन को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

शाहदरा में जनप्रतिनिधि और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना इस बात का संकेत है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के जरिए शिवभक्तों के साथ-साथ आम राहगीरों के लिए भी सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Water Conservation: सोरखा जाहिदाबाद में 9.82 करोड़ की लागत से बन रहा पुष्कर्णी तालाब, निर्माण कार्य 50 प्रतिशत पूरा

Water Conservation: सोरखा जाहिदाबाद में 9.82 करोड़ की लागत से बन रहा पुष्कर्णी तालाब, निर्माण कार्य 50 प्रतिशत पूरा

नोएडा। ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में जल संरक्षण और पर्यावरणीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुष्कर्णी तालाब का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना का करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा प्रगति को देखते हुए परियोजना को अगले चार माह में पूरा किए जाने का अनुमान है।

पुष्कर्णी तालाब परियोजना के तहत तालाब के विकास और निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक काम निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जा रहा है, ताकि परियोजना पूरी होने के बाद इसका लंबे समय तक उपयोग किया जा सके।

परियोजना का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। तालाब के विकसित होने के बाद बारिश के पानी को संरक्षित करने और भूजल पुनर्भरण में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में पानी के प्राकृतिक स्रोतों को मजबूत करने में भी योगदान मिल सकता है।

पुष्कर्णी तालाब के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किए जाने की भी संभावना है। इससे क्षेत्र के पर्यावरण में सुधार के साथ स्थानीय लोगों को एक बेहतर और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक सुविधा के रूप में भी विकसित होगा।

अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की वर्तमान रफ्तार संतोषजनक है। शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना के पूरा होने के बाद सोरखा जाहिदाबाद क्षेत्र में जल संरक्षण, हरित विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

Rainwater Problems: गड्ढों और जलभराव की रिपोर्ट तैयार, प्रशासन ने प्राधिकरण को भेजा पत्र

Rainwater Problems: गड्ढों और जलभराव की रिपोर्ट तैयार, प्रशासन ने प्राधिकरण को भेजा पत्र

नोएडा। बारिश के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और सड़कों पर बने गड्ढों की समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने निरीक्षण शुरू कर दिया है। सोमवार को प्रशासन की टीम ने सूरजपुर परगना क्षेत्र के गांव में भ्रमण कर बारिश के बाद की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर मिले गड्ढों तथा जलभराव की रिपोर्ट तैयार की।

उपजिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता के अनुसार, क्षेत्रीय लेखपाल ममता चौधरी ने टीम के साथ सूरजपुर परगना गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर बारिश का पानी जमा मिला। इसके अलावा मार्गों पर खुले गड्ढे भी पाए गए, जिनसे हादसे की आशंका बनी हुई है।

रिपोर्ट में बताया गया कि खुले गड्ढों के कारण किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। राहगीरों और वाहन चालकों को गड्ढों की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

निरीक्षण के दौरान मार्गों के बीच बिजली के तार बिखरे होने की समस्या भी सामने आई। जलभराव और खुले गड्ढों के साथ सड़क पर बिखरे बिजली के तार लोगों के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रहे हैं। प्रशासन की टीम ने इन समस्याओं को अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है।

समस्या के समाधान के लिए गड्ढों को भरने और जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने के संबंध में प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के बाद उत्पन्न हुई समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

अधिकारियों के स्तर से मौके की स्थिति की जानकारी जुटाकर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है। गड्ढों को भरने, जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने और खुले बिजली तारों को व्यवस्थित करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

Noida Crime: कारोबारी को अगवा कर चेन-अंगूठी और 15 हजार रुपये लूटने का आरोप, 14 के खिलाफ मुकदमा

Noida Crime: कारोबारी को अगवा कर चेन-अंगूठी और 15 हजार रुपये लूटने का आरोप, 14 के खिलाफ मुकदमा

नोएडा। जमीन से जुड़े विवाद में एक कारोबारी को कथित तौर पर अगवा कर उसके साथ मारपीट करने, मुकदमे की पैरवी बंद करने के लिए धमकाने और सोने की चेन, अंगूठी तथा 15 हजार रुपये लूटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित को तमंचे के बल पर दूसरी कार में बैठाया गया और कई घंटे तक घुमाने के बाद सेक्टर-19 में छोड़ दिया गया। कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-20 थाने में 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

नई दिल्ली के कुतुब विहार निवासी अरविंद सिंह सत्य होम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रतिनिधि बताए गए हैं। उनके अनुसार उनकी कंपनी ने 29 अगस्त 2014 को गुलावली निवासी रामप्रसाद से 5.50 करोड़ रुपये में जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था। इसमें 55 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे, जबकि बाकी 4.95 करोड़ रुपये बैनामे के समय दिए जाने थे।

अरविंद सिंह के मुताबिक, जमीन के मालिक के अनुसूचित जाति से होने के कारण जमीन के हस्तांतरण के लिए जिलाधिकारी की अनुमति आवश्यक थी। आरोप है कि अनुमति लेने के बजाय जमीन से जुड़े दूसरे सौदे शुरू कर दिए गए। शिकायत के अनुसार, 9 नवंबर 2023 को जमीन का एक हिस्सा भंवर सिंह के नाम कर दिया गया। इस बैनामे को निरस्त कराने के लिए अदालत में मुकदमा चल रहा है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद बाकी जमीन का 12 मार्च 2024 को रयल हाईट्स बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया गया। इसके बाद 2 जनवरी 2026 को 4.71 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर इसका बैनामा रयल हाईट्स बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम कर दिया गया।

अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े इस पूरे विवाद में जोनी वालिया, महेंद्र शर्मा, रोहित नागर, धीरज भाटी, प्रदीप तंवर, नरेंद्र लोहिया, कपिल, तेजराम लोहिया, भंवर सिंह, सीमा, संजीव और लोकेश समेत अन्य लोग शामिल हैं।

शिकायत के मुताबिक, 4 जून को शाम करीब साढ़े चार बजे अरविंद सिंह सेक्टर-19 में पानी की टंकी के पीछे से जा रहे थे। इसी दौरान रामप्रसाद, भंवर सिंह, सीमा भारती, संजीव कुमार, चिरंजीलाल और रविंद्र ने कथित तौर पर उनकी कार रोक ली। आरोप है कि तमंचा दिखाकर उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठा लिया गया।

पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उनकी आंखों पर कपड़ा बांध दिया और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्हें जमीन से संबंधित मुकदमे की पैरवी बंद करने के लिए धमकाया गया। इस दौरान कथित तौर पर उनकी सोने की चेन, अंगूठी और 15 हजार रुपये की नकदी भी लूट ली गई।

अरविंद सिंह का कहना है कि आरोपी उन्हें कई घंटे तक कार में घुमाते रहे और रात करीब साढ़े आठ बजे वापस सेक्टर-19 में छोड़ दिया। घटना के बाद उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद सेक्टर-20 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेज, आरोपों में बताए गए घटनाक्रम और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच जारी है।

Noida Traffic Jam: सेक्टर-128 से चिल्ला बॉर्डर तक सात किलोमीटर लंबा जाम, बारिश और कांवड़ियों की भीड़ से बढ़ी परेशानी

Noida Traffic Jam: सेक्टर-128 से चिल्ला बॉर्डर तक सात किलोमीटर लंबा जाम, बारिश और कांवड़ियों की भीड़ से बढ़ी परेशानी

नोएडा। तेज बारिश और कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के कारण सोमवार को नोएडा की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-128 के पास से चिल्ला बॉर्डर तक करीब सात किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कालिंदी कुंज जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बारिश और जलभराव ने यातायात की समस्या को और बढ़ा दिया।

सुबह से ही नोएडा होकर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की ओर जाने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी थी। पैदल कांवड़ियों और बाइक सवारों के साथ डाक कांवड़ की संख्या बढ़ने से कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।

दिल्ली की ओर से आने वाले कांवड़िये चिल्ला बॉर्डर से नोएडा में प्रवेश कर ओखला पक्षी विहार होते हुए कालिंदी कुंज की ओर जा रहे थे। वहीं डाक कांवड़ के लिए सेक्टर-62 से सेक्टर-32 सिटी सेंटर, सेक्टर-37 और महामाया फ्लाईओवर होते हुए निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल किया गया।

कांवड़ियों की आवाजाही के कारण पर्थला गोलचक्कर, होशियारपुर से महामाया फ्लाईओवर होते हुए कालिंदी कुंज और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से चिल्ला बॉर्डर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। दिनभर लोगों को जाम से जूझना पड़ा। देर शाम तक डाक कांवड़ के गुजरने के कारण कई सड़कों पर यातायात का दबाव बना रहा।

दोपहर करीब तीन बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश करीब साढ़े चार बजे तक जारी रही। लगभग डेढ़ घंटे की तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। जलभराव वाले स्थानों पर वाहनों की गति धीमी होने से जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।

सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के सामने, सेक्टर-33 में सहायक संभागीय परिवहन विभाग के पास, सेक्टर-31 निठारी, सेक्टर-16ए फिल्म सिटी, सेक्टर-60, 61 और 62 सहित कई स्थानों पर पानी भर गया। दलित प्रेरणा स्थल के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी रही।

सेक्टर-96 के सबवे समेत कुछ अंडरपास में भी पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। सेक्टर-58 के लेबर चौक पर भी अधिक मात्रा में पानी जमा हो गया। बारिश बंद होने के बाद भी लोगों को तत्काल राहत नहीं मिली और करीब दो घंटे बाद कई स्थानों से पानी निकल सका।

जलभराव के कारण कई मार्गों पर वाहनों की गति प्रभावित हुई। दूसरी ओर कांवड़ियों की आवाजाही पहले से ही अधिक थी। दोनों कारणों के एक साथ प्रभावी होने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।

डीसीपी यातायात अभय मिश्रा ने बताया कि सोमवार को कांवड़ियों का दबाव काफी अधिक रहा। इसके कारण कुछ सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। बारिश के कारण भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात पुलिस की ओर से प्रभावित मार्गों पर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया गया।

Noida School: किताब न लाने पर छात्रा से 100 उठक-बैठक, बीमार होने पर अभिभावक ने लगाए गंभीर आरोप

Noida School: किताब न लाने पर छात्रा से 100 उठक-बैठक, बीमार होने पर अभिभावक ने लगाए गंभीर आरोप

नोएडा। सेक्टर-130 स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा को किताब नहीं लाने पर 100 उठक-बैठक कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सजा के बाद छात्रा के पैरों में सूजन आ गई और उसे तेज बुखार हो गया। मामले की शिकायत करने पर अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन पर अभद्र व्यवहार करने और बच्चों की टीसी काटकर स्कूल से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अभिभावक ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर स्कूल की मान्यता और संचालन की जांच कराने की मांग की है।

सेक्टर-128 स्थित असगरपुर गांव निवासी अजय अवाना ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके चार बच्चे प्रिंस, तनु, वंशिका और अंशिका गढ़ी गांव स्थित निजी स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार की ओर से हर माह करीब 1,500 रुपये फीस जमा की जाती है। अभिभावक के मुताबिक अब तक स्कूल में 18,800 रुपये फीस जमा की जा चुकी है।

किताब नहीं लाई तो लगवाईं 100 उठक-बैठक

अजय अवाना का आरोप है कि 30 जुलाई 2026 को स्कूल के गणित-विज्ञान शिक्षक कृष्णकांत तिवारी ने उनकी बेटी तनु अवाना, जो कक्षा 10 में पढ़ती है, को केवल किताब नहीं लाने पर 100 उठक-बैठक लगाने की सजा दी। अभिभावक के अनुसार इस सजा के बाद छात्रा के पैरों में सूजन आ गई और उसे तेज बुखार हो गया। परिवार ने शिक्षक के इस व्यवहार को अमानवीय बताते हुए स्कूल प्रबंधन से शिकायत की।

शिकायत के बाद टीसी काटने का आरोप

अभिभावक का आरोप है कि जब वह मामले की शिकायत लेकर प्रधानाचार्या के पास पहुंचे तो शिक्षक पर कार्रवाई करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि 3 अगस्त 2026 को उनकी बेटी वंशिका अवाना, जो कक्षा 7 में पढ़ती है, की टीसी जबरन काटकर दे दी गई। इसके साथ ही बाकी तीन बच्चों की टीसी भी ले जाने के लिए कहा गया। अजय अवाना का कहना है कि इस कार्रवाई से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।

स्कूल की मान्यता पर भी उठाए सवाल

प्रार्थना पत्र में अभिभावक ने स्कूल के संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि स्कूल बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है और अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों के माध्यम से कक्षा 10 की परीक्षा के लिए सीबीएसई तथा कक्षा 12 की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड के फॉर्म भरवाए जाते हैं। अभिभावक ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यहां पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

पुलिस के अनुसार मामला संज्ञान में है, हालांकि अभी कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि मामले में लिखित शिकायत मिली है और सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।