2025 तक 4351 मेगावाट की क्षमता हासिल कर लेगा टीएचडीसीआईएल : आर. के. विश्नोई

-टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की 34वीं वार्षिक आम बैठक नई दिल्ली में संपन्न

नई दिल्ली। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की 34वीं वार्षिक आम बैठक मंगलवार की दोपहर नई दिल्ली में आयोजित की गई। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई ने बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्‍य, शेयरधारक, सांविधिक लेखा परीक्षक, सचिवालयी लेखा परीक्षक भी उपस्थित थे। इस दौरान आर. के. विश्नोई ने शेयरधारकों को संबोधित किया और वर्ष के दौरान कंपनी की उपलब्धियों और विकास योजनाओं की जानकारी को साझा किया।

विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल नए व्यापार मॉडल का निर्माण करते हुए अपने मौजूदा व्यवसायों के आधार को मजबूत करने पर ध्‍यान केंद्रित किए हुए है। टीएचडीसीआईएल ने 2025 तक 4351 मेगावाट की संस्थापित क्षमता हासिल करने की परिकल्पना की है। वित्त वर्ष 2022 में, कंपनी ने CAPEX का 118% हासिल किया जो कि 2730 करोड़ रु. के लक्ष्‍य की तुलना में 3231.51 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2022 के दौरान सभी संयंत्रों से प्राप्त कुल उत्पादन 4670.81 मिलियन यूनिट था जो पिछले वर्ष की तुलना में 105.43 मिलियन यूनिट अधिक है। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का कुल राजस्व 1921.49 करोड़ रुपये है तथा कंपनी द्वारा अर्जित कुल लाभ 896.92 करोड़ रुपये है।

उन्होंने बताया कि टिहरी एचपीपी और कोटेश्वर एचईपी ने अक्टूबर, 2021 के महीने में “कोयला संकट” के दौरान अतिरिक्त विद्युत का उत्पादन कर सहयोग प्रदान किया । 830 मीटर तक जल भरने की अनुमति के कारण टिहरी की जलाशय क्षमता में वृद्धि ने टीएचडीसीआईएल को हाल के विद्युत संकट के दौरान अधिक विद्युत उत्‍पादन करने में मदद की। निगम ने अक्टूबर के महीने में रिकॉर्ड 650 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत का उत्पादन किया, जब देश विद्युत संकट का सामना कर रहा था।

चल रही परियोजनाओं के बारे में, अध्यक्ष ने शेयरधारकों को सूचित किया कि टिहरी पीएसपी में, सभी मोर्चों पर काम कमीशनिंग के एडवांस स्‍टेज में हैं। परियोजना (वीपीएचईपी) के हित में विभिन्न उपायों के कार्यान्वयन के बाद, परियोजना पटरी पर है तथा प्रथम यूनिट के अक्टूबर 2024 तक कमीशन होने की संभावना है।

उन्होंने शेयरधारकों को बताया कि खुर्जा में टीएचडीसीआईएल का ताप आधारित विद्युत संयंत्र देश में अब तक का सबसे तीव्र ताप आधारित संयंत्र होने जा रहा है। खुर्जा एसटीपीपी के सभी पैकेज अवार्ड किए जा चुके हैं और सभी मोर्चों पर काम तेजी से चल रहा है। अमेलिया कोयला खदान के लिए कोयला खनन समझौते (सीएमए) पर एमडीओ के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं, और सितंबर, 2022 में कोयला खदान की ओपनिंग करने और दिसंबर, 2022 से कोयले की निकासी शुरू करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, “टीएचडीसीआईएल एक नई उभरती लागत प्रभावी कार्बन कैप्चर तकनीक के साथ खुर्जा एसटीपीपी (2×660 मेगावाट) में कार्बन कैप्चर के लिए पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने की प्रक्रिया में है। यह निकास गैसों से अधिकांश कार्बन-आधारित उत्सर्जन (CO2, मीथेन आदि) को हटाने में मदद करेगा। वेट लाइम स्टोनफोर्स्ड ऑक्सीडेशन प्रोसेस टेक्नोलॉजी के आधार पर खुर्जा में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन सिस्टम भी स्थापित किया जा रहा है ताकि बॉयलर में कोयले से निकलने वाली गैस में सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को पर्यावरण मंजूरी में निर्दिष्ट सीमा से भी नीचे की सीमा तक कम किया जा सके।

विश्नोई ने शेयरधारकों से कहा, “टीएचडीसीआईएल 2030 तक 500 गीगावाट हरित ऊर्जा की लक्ष्य क्षमता हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए टीएचडीसीआईएल ने 2000 मेगावाट के सौर संयंत्रों का विकास शुरू कर दिया है। कंपनी ने राजस्थान में 10000 मेगावाट सौर ऊर्जा पार्क के विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं। अगले 3 वर्षों में, टीएचडीसीआईएल ने 25000 मेगावाट हरित ऊर्जा का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।”

टीएचडीसीआईएल द्वारा अगले 2 वर्षों में 6000 मेगावाट क्षमता की जल विद्युत परियोजनाएं शुरू करने की उम्मीद है। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने टीएचडीसीआईएल को अरुणाचल प्रदेश के लोहित बेसिन में 02 जल विद्युत परियोजनाएं (कलाई- II 1200 मे.वा. एवं डेमवे लोअर 1750 मे.वा.) राज्य सरकार के साथ उपयुक्त विश्लेषण और मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने के लिए आवंटित की हैं।

अक्षय स्रोतों से विद्युत उत्पादन की भविष्य की संभावनाओं का पता लगाने के लिए, टीएचडीसीआईएल ने टीएचडीसीआईएल ऑफिस कॉम्प्लेक्स, ऋषिकेश, उत्तराखंड में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित माइक्रो-ग्रिड के लिए एक पायलट परियोजना स्थापित करने की योजना बनाई है।उन्होंने बताया कि टीएचडीसीआईएल, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के दृष्टिकोण के अनुरूप सभी प्रयास कर रही है।

इसके अलावा, वार्षिक आम बैठक में, कंपनी के शेयरधारकों ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वर्ष के लिए कंपनी के लेखा परीक्षित वित्तीय विवरणों और बोर्ड और लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट को अपनाया। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 197.94 करोड़ रुपये का लाभांश घोषित किया। कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2022 के लिए 317.36 करोड़ रु. के अंतरिम लाभांश सहित कुल 515.30 करोड़ रुपये के लाभांश का भुगतान किया गया। इसके अलावा, कंपनी के शेयरधारकों ने प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर 3000 करोड़ रु. तक के कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करके फंड जुटाने के प्रस्‍ताव को भी अनुमोदित किया।

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