‘आप’ का आरोप, सदन में दिल्ली की संपत्ति बेचने का प्रस्ताव पास करना चाहती थी भाजपा

-पहले हमारे पार्षदों को सस्पेंड किया फिर बुलाई सदन की बैठक : दुर्गेश पाठक

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के पार्षदों को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा भाजपा द्वारा बुलाई गई सदन में भाग लेने की इजाजत दे दी गई है। भाजपा ने ‘आप’ के पार्षदों को 15 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद 6 दिनों के भीतर ही भाजपा ने सदन बुला ली जिसमें आप के पार्षदों को भाग लेने की इजाजत नहीं थी। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने इस फैसले के लिए हाई कोर्ट का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस सदन में दिल्ली की संपत्ति बेचने का प्रस्ताव ला रही थी इसलिए किसी भी प्रकार के विरोध से बचने के लिए हमारे पार्षदों को सस्पेंड कर दिया। आम आदमी पार्टी ने भाजपा के कदम की कड़ी निंदा की है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने शुक्रवार को बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा की। दिल्ली वासियों आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि कुछ दिनों पहले, जब दिल्ली की साफ-सफाई को लेकर हमारे पार्षदों ने भाजपा के महापौर और नेताओं से प्रश्न पूछना चाहा तो उन्हें प्रश्न पूछने की इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद जब उन्होंने दिल्ली की जनता की आवाज उठानी चाहिए तो भाजपा ने उन्हें 15 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया।

आप प्रभारी ने कहा, सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्हें सस्पेंड करने के 6 दिनों बाद ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने एक खास सदन बुलाई। दरअसल वह सदन बुलाकर दिल्ली की संपत्ति बेचने का प्रस्ताव ला रहे थे। इसका मतलब है कि अपनी मनमर्जी का बिल चुपचाप पास करना ही उनका लक्ष्य था। आम आदमी पार्टी के लोग इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट के पास गए। हाई कोर्ट ने इसे संज्ञान में लेते हुए उन्हें राहत दी और हमारे पार्षदों को कार्यवाही में भाग लेने की इजाजत दी।

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