अब कार होंगी ज्यादा सुरक्षित, सड़क दुर्घटना में नहीं जाएगी जान

-सरकार ने एक अक्टूबर 2022 के बाद भारत में बिकनेवाली कार में अधिकतर यात्रियों के लिए एयरबैग लगाना किया जरूरी

नई दिल्ली। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कार निर्माता कंपनियों को भारतीय कारों में 1 अक्टूबर 2022 से अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि देश में सड़क दुर्घटनाओं के चलते हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में लोगों के जानमाल का नुकसान कम से कम हो, इसके लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (MoRTH) नितिन गडकरी ने कहा कि अब भारत में आठ लोगों की क्षमता वाली कार के लिए कम से कम छह एयरबैग जरूरी होंगे। सरकार ने इसे अनिवार्य करने के लिए जीएसआर अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इसके मुताबिक एम1 कैटेगरी के वाहन में आगे और पीछे दोनों कंपार्टमेंट में बैठे लोगों के सामने और पीछे से होने वाले टक्कर के असर को कम करने के लिए चार अतिरिक्त एयरबैग देना जरूरी बना दिया गया है।

भारत में एयरबैग से संबंधित नियम

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग के फिटमेंट और एक जनवरी 2022 से ड्राइवर के साथ आगे बैठने वाले यात्री के लिए एयरबैग लगाना अनिवार्य करने के बाद अब एक और नया नियम लागू किया है। जिसके तहत आगामी एक अक्टूबर 2022 के बाद भारत में बिकनेवाली कार में अधिकतर यात्रियों के लिए एयरबैग लगाना जरूरी होगा। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “अधिकतम एयरबैग लगाने का यह नियम सभी सेगमेंट की कार में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, भले ही वाहन की कीमत/वैरिएंट कुछ भी हो।”

कार में एयरबैग होने के फायदे

एयरबैग कार में लगने वाला एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है। यह कार के कई हिस्सों में लग सकता है। सड़क दुर्घटना के दौरान कार एयरबैग एबीएस एक सुरक्षा कवर की तरह काम करते हैं। सड़क पर होने वाली दुर्घटना में कई बार तेज रफ्तार वाहन के अचानक रुकने की वजह से उसमें बैठे सवारी के सिर या अन्य नाजुक हिस्से में चोट लग जाती है, इस वजह से बहुत से लोगों की जान भी चली जाती है। अगर सड़क दुर्घटना के समय कार में बैठे हर सवारी के लिए एयरबैग खुल जाए तो उन्हें सुरक्षा मिल सकती है। दरअसल, एयर बैग कार के बॉडी और उसमें बैठी सवारी के बीच के गैप को भरकर पैसेंजर को सीधी टक्कर से बचाता है। इस वजह से दुर्घटना में होने वाला नुकसान बहुत घट सकता है।

कार के किसी भी हिस्से में लग सकता है एयरबैग

आज-कल कई प्रकार के एयरबैग आते हैं और ये कार के किसी हिस्से में लग सकते हैं। ये एयरबैग कार के स्टियरिंग व्हील, दरवाजे, डैशबोर्ड, छत आदि में लगा हो सकता है। सरकार के नए निर्देश के मुताबिक M1 कैटेगरी के वाहनों में दो साइड/साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग लगाए जाएंगे जो कार के सभी यात्रियों को कवर करेंगे। भारत में मोटर वाहनों को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

मिड रेंज कार में भी हो एयर बैग सेफ्टी फीचर

मोटर वाहन में एयर बैग की सुविधा पर चर्चा के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों ने एयर बैग निर्माताओं से मुलाकात भी की थी। इस समय भारत में पैसेंजर कार में 2 एयर बैग का नियम अनिवार्य है। नवंबर 2021 में मिड रेंज कार सेगमेंट में सेफ्टी फीचर्स को लेकर एक बैठक हुई थी जिसके बाद सब सरकार ने यह फैसला लिया है। भारत सरकार चाहती है कि सिर्फ महंगी नहीं बल्कि मिड रेंज कार में भी एयर बैग जैसे सेफ्टी फीचर जरूर हो।

सड़क दुर्घटना में नुकसान

भारत दुनिया के उन शीर्ष देशों में से एक है जहां हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटना होती हैं। इन सड़क हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है या गंभीर चोट आती हैं। भारत में सड़क दुर्घटना की मुख्य वजह यातायात के नियमों का उल्लंघन है, लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा उपाय, एंट्री लेवल के वाहनों का कमजोर होना जैसे कारण की वजह से बड़ी संख्या में मौत होती हैं।

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