अब नेताजी के जन्मदिवस से शुरू होगा गणतंत्र दिवस का जश्न, केंद्र ने किया फैसला

-इसके साथ ही घोषित किया गया 'राष्ट्रीय स्टार्टअप्स डे' जो अब से हर साल 16 जनवरी को मनाया जाएगा

नई दिल्ली। भारतीय गणतंत्र के 72वें समारोह के आयोजन से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने फैसला किया है कि अब देश में गणतंत्र दिवस के जश्न की शुरुआत 24 जनवरी की जगह 23 जनवरी से हुआ करेगी। गौरतलब है कि सरकार ने यह कदम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को गणतंत्र दिवस के जश्न में शामिल करने के लिए उठाया है ताकि आजादी के आंदोलन में उनकी भूमिका को देशवासियों के जेहन में ताजा रखा जा सके।

सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार का यह फैसला भारत के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बड़ी हस्तियों को याद करने के लिहाज से उठाया गया है। इससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार कई अन्य तिथियों को भी राष्ट्रीय महत्ता के दिवस घोषित कर चुकी है। इनमें 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 31 अक्टूबर (सरदार पटेल की जयंती) को राष्ट्रीय एकता दिवस, 15 नवंबर (बिरसा मुंडा की जयंती) को जनजातीय गौरव दिवस और 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की जा चुकी है।

नेताजी के पोते ने दिया बयान

इस बीच नेताजी सुभाष के पोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का वास्तव में सम्मान करने के लिए उनकी विचारधारा को समझना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। आज विभाजनकारी राजनीति देश को तोड़ रही है। नेताजी की झांकी नहीं होगी तो गणतंत्र दिवस परेड बेमानी होगी।

अब हर साल 16 जनवरी को मनाया जाएगा ‘राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस’

शनिवार को स्टार्टअप कारोबारियों के साथ संवाद के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारा प्रयास देश में बचपन से ही छात्रों में इनोवेशन के प्रति आकर्षण पैदा करने का है। 9,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स, आज बच्चों को स्कूलों में इनोवेट करने और नए विचारों पर काम करने का मौका दे रही हैं। मोदी ने 16 जनवरी को नेशनल स्टार्ट-अप डे मनाए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि देश के उन सभी स्टार्ट-अप्स को, सभी इनोवेटिव युवाओं को बहुत-बहुत बधाई, जो स्टार्टअप्स की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद कर रहे हैं।

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