शिवपाल के ‘बड़े भाई’ ने दिया संसदीय चुनाव में दूरी बनाने के संकेत

अब शिवपाल से कोई रिश्ता नहीं : मुलायम

इटावा। अपने बयानों से लगातार चौंकाने वाले समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को एक बार फिर से हर किसी को चौंका दिया है। मुलायम की बात को अगर सही से मानें तो अब उन्होंने अपने भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर चुके शिवपाल सिंह यादव से रिश्ते पूरी तरह से खत्म कर लिए हैं। 

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज इटावा में सिविल लाइन स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बात के संकेत दिए कि अब उनको प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर चुके भाई शिवपाल सिंह यादव से कोई मतलब नहीं है। क्योंकि जहां शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में संसदीय चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों को उतारा है, वहीं खुद मुलायम सिंह यादव चुनाव मैदान में उतरे हैं।

पत्रकारों ने मुलायम सिंह यादव से सवाल किया कि क्या वो अपने भाई शिवपाल सिंह यादव और उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन देने के लिए उनकी सभाओं में प्रचार करने के लिए जाएंगे, इस पर मुलायम सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि कौन कहां किसके लिए प्रचार करने के लिए जाएगा, यह तो पता नहीं, क्योंकि वह खुद भी चुनाव लड़ रहे हैं। सपा संरक्षक ने शिवपाल यादव से किनारा करने के दिए संकेत देते हुए कहा कि मैं क्योें चिंता करूं कि कौन शिवपाल की रैली में जाता है, कौन नही। रैलियां तो होती रहती हैं। अगर किसी को बधाई देनी है तो मुझे दे, मैं भी तो चुनाव लड़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ रहे हैं। तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी है, इसलिए जल्दी से जल्दी जाना है।

बीती 21 मार्च को शिवपाल सिंह यादव होली के मौके पर अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव से आशीर्वाद लेने के लिए सिविल लाइन स्थित आवास पर गये थे। वहां पर बंद कमरे में दोनों की काफी देर तक वार्ता हुई थी। इस वार्ता के बारे में दोनों ने अपने अपने पत्ते तो नहीं खोले, लेकिन इसका असर सैफई में मुलायमी होली में जरूर दिखाई दिया। क्योंकि मुलायम सिंह यादव के आंगन में होली के जश्न में शिवपाल और उनके बेटे के अलावा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को कोई छोटा बड़ा नेता शामिल होने के लिए नहीं आया। वहीं दूसरी ओर मुलायमी आगन में मुलायम, रामगोपाल, अखिलेश, धर्मेंद्र, तेजप्रताप, अनुराग, अभिषेक, कार्तिकेय के अलावा मुलायम परिवार के अन्य गैर राजनैतिक सदस्य नजर आये। शिवपाल ने अपनी होली का जश्न अपने पिता के नाम पर बनाए एसएस मेमोरियल स्कूल में जमाया था। 

ऐसा बताया जा रहा है कि शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई मुलायम सिंह से अपने होली जश्न में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन मुलायम के इंकार के बाद शिवपाल बेहद मायूस हो गए। हालिया दिनों में शिवपाल सिंह यादव की तरफ से जिस तरीके के बयानात अखिलेश यादव को लेकर के दिए गए हैं। उससे दोनों के बीच में बेहद तल्खी बताई जा रही है। क्योंकि शिवपाल सिंह यादव के निशाने पर जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रहे वही पार्टी के प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव लगातार बने हुए हैं। दूसरा शिवपाल सिंह यादव की तरफ से फिरोजाबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान करने से यह तल्खी कुछ ज्यादा इसलिए भी हो गई है कि फिरोजाबाद संसदीय सीट से प्रोफेसर रामगोपाल यादव का बेटा अक्षय यादव सपा से उम्मीदवार हैं। शिवपाल सिंह यादव जब जब फिरोजाबाद संसदीय सीट का दौरा करते हैं तो रामगोपाल यादव को तो निशाने पर लेते ही हैं, अखिलेश यादव को भी नहीं बख्शते हैं। लेकिन, शिवपाल सिंह यादव मुलायम सिंह यादव की तारीफ करते हुए नहीं थकते। लगातार इस बात की तस्दीक करते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन नेताजी की रजामंदी के बाद ही किया है और उनकी पार्टी मैनपुरी संसदीय सीट पर मुलायम सिंह यादव ना केवल समर्थन करेगी, बल्कि अपनी पार्टी का कोई उम्मीदवार भी नहीं उतारेगी। 

सैफई के होली समारोह के बाद मुलायम शिवपाल के रिश्तों के बीच में जो तल्खी खुलकर सामने आयी है, उसके अनुसार कल तक मुलायम को सम्मान देने की बात करने वाले शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से भी मुलायम के नाम को दूर कर दिया। लेकिन, शिवपाल सिंह यादव को लेकर दिये गये आज के मुलायम के बयान के बाद शिवपाल और उनके समर्थकों पर क्या असर पड़ेगा, यह तो नहीं बताया जा सकता है, लेकिन इसकी चर्चा बड़ी ही तेजी से राजनैतिक गलियारों में शुरू हो गई है।

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