आगरा: चंबल में मडराया का बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से महज 3 मीटर दूर जल स्तर डीएम ने किया निरीक्षण

 

रिपोर्ट-आकाश जैन

आगरा जनपद के के पिनाहट क्षेत्र से सटी चंबल नदी में बाढ़ का खतरा मडराने लगा है पिनाहट चंबल नदी घाट पर खतरे के निशान से महज 3 मीटर दूर रह बह रहा चंबल का जलस्तर, बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने निरीक्षण, तटवर्ती इलाकों में किया गया हाई एलर्ट जारी राजस्व कर्मचारियों को दिए गए दिशा निर्देश।

भारी बारिश के चलते चंबल नदी में बाढ़ का खतरा अब मंडराने लगा

जानकारी के अनुसार राजस्थान मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के चलते चंबल नदी में बाढ़ का खतरा अब मंडराने लगा है तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। तटवर्ती इलाकों से लोग सुरक्षित स्थानों की के लिए जाने लगे हैं। लगातार सोमवार दोपहर से नदी में बढ़ रहे जलस्तर को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि चंबल नदी ईश्वर 2019 का भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर मंगलवार दोपहर तक नदी का जलस्तर पिनाहट घाट पर एक 128 मीटर तक पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान से महज 3 मीटर दूर है।

 

आगरा: चंबल में मडराया का बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से महज 3 मीटर दूर जल स्तर डीएम ने किया निरीक्षण

तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी किया

चंबल के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर जिलाधिकारी आगरा प्रभु एन सिंह ने उप जिलाधिकारी बाह अब्दुल बासित एवं राजस्व कर्मचारियों के साथ नदी के जल स्तर का जायजा लेने पहुंचे निरीक्षण कर तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अलर्ट जारी किया है साथ ही वार्ड चौकिया गठित कर राजस्व कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गांव में निवास करने की एवं जल स्तर पर निगरानी बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके। पिछले 2019 में चंबल खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर चली गई थी। और रिकॉर्ड तोड़ दिया था। कई गांव पानी की बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बाढ़ के पानी से फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। जिसके कारण किसानों एवं ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ था। एक बार फिर से स्थिति बाढ़ की साफ दिखाई दे रही है। जिससे ग्रामीणों की सांसे थम सी गई है। अगर चंबल में खतरे का निशान पार करती है। तो ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। धीरे-धीरे चंबल नदी अपना रौद्र रूप धारण करने लगी है। सुरक्षा की दृष्टि से स्ट्रीमर संचालन को पूर्ण रुप से बंद करा दिया गया है। और जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव

चंबल नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिसे लेकर तटवर्ती इलाकों में बसे गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। बाढ़ के पानी से बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव रेहा, कछियारा,डगोरा,ऊपरी पुरा,उमरैठापुरा, जेबरा, गुर्जा शिवलाल, झरना पुरा, भगवानपुरा,डाल का पुरा,सिमराई, गोहरा, गुढ़ा,भटपुरा, रानीपुरा, आदि गांव प्रभावित होंगे। इन गांवों के बाशिंदों में जलस्तर बढ़ने से दहशत का माहौल है लोगों ने ऊंचे स्थान पर जाना शुरू कर दिया है।

 

 

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