अखिलेश के जबाब का इंतजार हुआ खत्म, अब होगा युद्ध : शिवपाल यादव

-शिवपाल सिंह यादव ने महाभारत के कौरवों का उदाहरण देेकर बिना नाम लिये सपा को कौरवों की सेना करार दिया

इटावा,(नीलकमल)। समाजवादी पार्टी से गठबंधन के लिए लालायित प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि वो समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से कोई सकारात्मक संकेत तक नही मिल रहा है।

इटावा के पचराहे पर एक शो रूम के शुभारंभ मौके पर शिवपाल सिंह यादव ने खुल कर कहा कि वो अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार करते करते थक गए हैं। लिहाजा, उन्होंने सामाजिक परिवर्तन रथ यात्रा निकालने का ऐलान किया है जो 12 अक्टूबर को मथुरा के वृृंदावन से शुरू होगी।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अब तो युद्ध होना तय है । हम तो अपनी यात्रा निकालने का ऐलान भी कर चुके है। शिवपाल सिंह यादव यही नही रूके उन्होने महाभारत के कौरवों का उदाहरण देेकर बिना नाम लिये सपा को कौरवों की सेना करार दिया। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि महाभारत के पात्र द्रोणाचार्य, भीष्म और दुर्याेधन को कोई नही मार सकता था लेकिन पांडवो के साथ श्रीकृष्ण थे जिससे सब स्वाहा हो गया।

महाभारत के कौरव पांडवों के संस्करण का जिक्र करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमने पांडवों की तरह केवल अपने और अपने साथियों का सम्मान ही मांगा है । हमारी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है । हम मंत्री भी रह चुके हैं, पार्टी अध्यक्ष भी बन चुके है ओर अब हम राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन गए हैं इसलिए मुझे कुछ नही चाहिए लेकिन राजनीति में संघर्ष के साथ-साथ त्याग बहुत ही जरूरी है।

शिवपाल ने कहा कि कौरवों को पूरा राजपाठ दे दिया गया था और पांडवों को पांच गांव, हमने भी पांडवो की तरह अपने साथियों का केवल सम्मान मांगा है लेकिन वो भी नही मिल रहा है। हमको सम्मान दो या नही दो हमारे लोगो को केवल सम्मान दे दे। शिवपाल सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी चाहत 2022 में भाजपा की सरकार को सत्ता से दूर रखने की है । इसके लिए हम चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन हो। अखिलेश यादव की ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। आज भी हमने अखिलेश यादव को मैसेज करने के साथ-साथ में फोन भी किया है लेकिन ना तो कोई जवाब मिला और ना ही कोई बात हो सकी ।
शिवपाल का कहना है कि सपा से गठबंधन की पीएसपीएल की पहल को अखिलेश यादव लगातार नज़रंदाज़ कर रहे है। उनका कहना है कि नेता जी नही चाहते थे हमको सपा से अलग किया जाए लेकिन फिर भी हमको सपा से अलग कर दिया गया।
पुरानी बातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नेता जी जन्मदिन 22 नवंबर 2020 को कहा था कि एक हो जाये और तुम सीएम बनो मुझे कोई एतराज नही।

इससे पहले 28 सितंबर को इटावा मे ही जिला सहकारी बैंक के चुनाव वाले दिन भी शिवपाल सिंह यादव ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि वो 11 अक्टूबर तक अखिलेश के जवाब का इंतजार करेगे उसके बाद उनकी समाजिक परिवर्तन यात्रा मथुरा वृंदावन से शुरू कर दी जायेगी ।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के सारे प्रयास कर लिए है अब इंतजार पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के जवाब का है। समाजवादी पार्टी से गठबंधन के लिए हमारी पार्टी इंतजार कर रही है। अगर सपा की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा से चुनाव लड़ेगी।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल के बीच साल 2017 सत्ता संघर्ष चल रहा है। साल 2019 के संसदीय चुनाव में शिवपाल सिंह यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का गठन करके प्रदेश भर में अपने उम्मीदवार उतारे थे और खुद शिवपाल सिंह यादव फिरोजाबाद संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे।

यहां शिवपाल सिंह यादव को करीब 93000 वोट हासिल हुए थे लेकिन उनकी जमानत जब्त हो गई थी । बेशक शिवपाल सिंह यादव की जमानत जब्त हो गई हो लेकिन शिवपाल सिंह यादव के उतरने से अक्षय यादव चुनाव हार गए और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार चंद्र सिंह जादौन विजयी निर्वाचित हो गए। इसलिए समाजवादी पार्टी को चुनाव से पहले और चुनाव के बाद भाजपा की बी टीम कह कर संबोधित किया जाने लगा । भाजपा की टीम के आरोपो से घिरने पर शिवपाल हमेशा यह सफाई जरूर देते है कि उनको भाजपा से कोई लेना देना नही है लेकिन शिवपाल इस बात को कईयो दफा स्वीकार कर चुके है कि भाजपा ने उनको पार्टी में शामिल होने का आंमत्रण दिया जिसे उन्होने स्वीकारा नही है ।

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