अंगद के पांव की तरह 5 वर्ष से जमे हैं खेतासराय के ईओ

मंत्री गिरीश यादव हैं मेहरबान तो फिर कैसे होगी अमित यादव के खिलाफ जांच पड़ताल

आशीष श्रीवास्तव

जौनपुर: जिले की बहुचर्चित नगर पंचायत खेतासराय के ईओ अमित यादव पर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव इस कदर मेहरबान हैं कि योगी सरकार की स्थानांतरण नीति धूल चाट रही है।
पिछले 5 वर्ष से एक ही नगर पंचायत में अंगद के पांव की तरह जमे अमित यादव की हनक जिले में इस कदर भारी पड़ रही है कि उनके खिलाफ होने वाली शिकायतें भी रद्दी की टोकरी में चली जाती है।

भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में नगर विकास राज्यमंत्री के रूप में गिरीश यादव के कार्यभार संभालते ही अमित यादव ने खेतासराय नगर पंचायत में अधिशासी अधिकारी के रूप में चार्ज लिया ।

आज 5 वर्ष का सरकार का पहला कार्यकाल बीत गया और दूसरे की शुरुआत हो गई लेकिन अमित यादव ने भी अपना खूंटा एक बार गांड दिया तो फिर उसे हिलाने की किसी में जहमत ही नहीं है।

नगर पंचायत खेतासराय के पोस्ट ऑफिस वार्ड, गोला बाजार वार्ड, जोगियाना, कोहरऊटी वार्ड में 50 से अधिक ऐसे मामले हैं जहां चेयरमैन वसीम अहमद, ईओ अमित यादव ने आपसी खेल करके पुरानी इंटरलॉकिंग को ऊखड़वा कर नया टेंडर कराते हुए वहां फिर से इंटरलॉकिंग करवा दिया है ।

इस संबंध में जब कोई चेयरमैन वसीम अहमद से कहता है तो वह कहते हैं हमारी सरकार नहीं है ईओ अपने मन की कर रहे हैं । उधर जब ईओ अमित यादव से कोई पूछता है तो वह कहते हैं यह चेयरमैन साहब जाने। चेयरमैन और ईओ कि इस सांठगांठ में शासन के करोड़ों रुपए का बंदरबांट करके योगी सरकार की उस पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जहां अभी पिछले दिनों प्रदेश शासन ने सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में तीन अधिशासी अधिकारी को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच बैठा दी है ।

ऐसे में सवाल उठता है की तीन जुलाई 2017 को खेतासराय नगर पंचायत में कार्यभार ग्रहण करने वाले अमित यादव आखिर एक ही जगह 5 वर्ष से कैसे जमें हैं। इसी तीन जुलाई को उनका 5 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो जाएगा।

पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ के निवासी अमित कुमार यादव ने नगर पंचायत खेतासराय में चार्ज लेते ही अपने चहेते लोगों का जाल खेतासराय में फैला दिया था। नगर पंचायत खेतासराय में निर्माण कार्य, संविदा कर्मचारियों की ड्यूटी और आउटसोर्सिंग से रखे गए कर्मचारियों की व्यवस्था को अपने ही कुछ खास लोगों की निगरानी में ले रखा है।
जौनपुर सदर के विधायक और प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री गिरीश चंद यादव के चहेता होने के चलते अमित यादव के खिलाफ शासन स्तर से कोई भी जांच नहीं होती । क्योंकि जब कोई जांच आती है तो उसे दबा दिया जाता है।

उधर घटिया निर्माण कार्य कराने से नाराज चल रहे कस्बे के नागरिक मोहम्मद असलम खान, पत्रकार मोहम्मद अरशद खान का कहना है शासन स्तर से इसकी उच्च स्तरीय जांच हो तो बड़े घोटाले का राज खुल सकता है।

Comments are closed.