औरैया: नवरात्रि की नवमी को मंदिरों पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़,माता का श्रृंगार कर की पूजा अर्चना

औरैया: नवरात्रि की नवमी को मंदिरों पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़,माता का श्रृंगार कर की पूजा अर्चना

रिपोर्ट: जाहिद अख्तर

खबर औरैया से। नवरात्रि की नवमी के दिन माता रानी के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न मंदिरों पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने दीपक आदि जलाकर माता का श्रृंगार किया और पूजा अर्चना की। शहर से 5 किलोमीटर दूर बीहड़ क्षेत्र में मां मंगला काली का दरबार है जहां पर आस-पास जनपदों के लोग मन्नत मांगने के लिए आते हैं। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ दिखाई देने लगी। यही नहीं मां मंगला काली मंदिर पर दूरदराज से लोग जवारे एवं झंडा चढ़ाने के लिए भी आए।

चैत्र नवरात्रि की नवमी के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है

चैत्र नवरात्रि की नवमी के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है। मां दुर्गा की नौ शक्तियों का यह नवमां स्वरूप मां सिद्धिदात्री का है।बताते चलें कि मां दुर्गा के नवमें स्वरूप का नाम सिद्धिदात्री है। यह सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। मार्कंडेय पुराण के अनुसार हरिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य से आठ सिद्धियां होती हैं। मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है, यह कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर वाले हाथ में गदा तथा बाईं तरफ के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है। नवरात्रि पूजन के अंतिम दिन इनकी उपासना की जाती है।

नवदुर्गा में मां सिद्धिदात्री अंतिम है

नवदुर्गा में मां सिद्धिदात्री अंतिम है। आठ दुर्गाओ की पूजा उपासना शास्त्रीय विधि विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नवमें दिन इनकी उपासना करते हैं। सिद्धिदात्री मां की उपासना पूर्ण कर लेने के बाद साधकों की अलौकिक परालौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है।नवरात्रि के अंतिम दिन देवी मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ दर्शन करने के लिए जुटी रही। लोगों ने अपने व्रत को भी मंदिर के प्रसाद से तोड़ा तथा कन्या भोज कराया। यही नहीं कई मंदिरों पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जो देर रात तक जारी रहा। मां मंगला काली मंदिर पर देवी भक्त जवारे एवं झंडा चढ़ाते हुए देखे गए।

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