औरैया : नवरात्रि के पहले दिन के पावन पर्व पर भक्तों की पूजा अर्चना शुरू

 

रिपोर्ट: जाहिद अख्तर

जिले के प्रसिद्ध मंदिर मंगला काली माता का मंदिर जिले में अपनी एक अलग पहचान रखता है।इस मन्दिर पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।इस मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना बताया जाता है।माँ मंगला काली का मंदिर बीहड में बसा हुआ है।कभी यहां यहां पर दस्युओं के द्वारा भी पूजा अर्चना की जाती थी।लेकिन इस मंदिर की प्रमुख रूप से पहचान यमुना जी के किनारे बीहड से भव्यता दर्शाती है।कोविड की बजह से भीड़ पहले की अपेक्षा काफी कम आ रही है।सबसे बड़ी बात कोविड के नियमों का पालन भी हो रहा जो आता जाता मां के दर्शन करके अपनी मनोकामना मांग कर चले जाते। बराबर भक्तों का आना लगा हुआ है।

पहले डाकूओ की भी आस्था का केंद्र रहा है

यमुना के किनारे बीहड़ के बीच स्थिति महामंगलाकाली मंदिर पर नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों की पूजा अर्चना शुरू हो गयी है।मंदिर परिसर में और जाने वाले रास्तों पर कर्मचारियों ने साफ सफाई कर दी है।बीहड़ क्षेत्र में स्थिति प्रसिद्ध महामंगलकाली मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख मंदिरों में एक है। यहाँ लोग बड़ी श्रद्धा के भाव से मंदिर में पूजा अर्चना करते है। मंदिर कई वर्ष पुराना है और यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण होती है।बीहड़ में होने के कारण यह मंदिर पहले डाकूओ के भी आस्था का केंद्र रहा है लेकिन अब डाकूओं के साफाये के बाद लोग खुले मन से पूजा अर्चना करते है।मंदिर परिसर में रंगाई पुताई का कार्य पूरा हो गया है।प्रथम दिन से ही विशेष हवन पूजन का कार्य चालू हो कर पूरे नौ दिन विशेष आयोजन चलता रहेगा।मंदिर में माता मंगलाकाली मंदिर की सजावट कर ली गयी है।

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