बारिश से पार्कों में भरा पानी, सेक्टरों की सड़कें भी हुई जलमग्न

ग्रेटर नोएडा के पुराने आबादी-औद्योगिक वाले इलाकों से लेकर नए विकसित किए गए सेक्टरों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। 

नोएडा: पिछले 1 हफ्ते से रुक-रुक कर हो रही बारिश से बेशक गर्मी से राहत मिली है। लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा के हर इलाके में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। खासतौर पर ग्रेटर नोएडा के पुराने आबादी-औद्योगिक वाले इलाकों से लेकर नए विकसित किए गए सेक्टरों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है।
शनिवार देर रात के बाद रविवार सुबह हुई बारिश से बीटा-2 के पार्क और डेल्टा-1 की गलियों तक में पानी जमा है। गलियों और सड़कों पर पानी जमा होने के चलते निवासियों में रोष है। उनका कहना है कि नए बसाए गए शहर में इतनी असुविधाएं बेहद तकलीफदेह हैं। सेक्टर निवासी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इन जरूरी कामों में भी प्राधिकरण के सीईओ और अफसर असफल हैं। उनका कहना है कि पार्कों में लबालब पानी भरा है। खेलना तो दूर, टहलना तक मुश्किल हो गया है। ओपन जिम पानी में डूबे पड़े हैं। ऐसे में इनका इस्तेमाल भी कोई नहीं कर रहा। गलियों में जलभराव की वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। नालों की समय से सफाई नहीं कराई गई। इस वजह से भी पानी निकासी में समस्या आ रही है। यहीं नहीं जिला कलेक्ट्रेट मुख्यालय से लेकर सूरजपुर औद्योगिक इलाके तक चारों तरफ पानी जमा है।
जिलाधिकारी की सख्ती से बेहतर हो सकते हैं हालात
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इस पर सख्त एक्शन लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को कहा गया है कि वह किसी भी हाल में सूरजपुर कस्बे का पानी कलेक्ट्रेट के सीवेज में न जाने दे। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने भी जलभराव की समस्या पर अफसरों को सस्पेंड करने की सिफारिश की है। साथ ही कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया और उन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है।

Comments are closed.