गरीबी का अंत करने वाले नेता होंगे राहुल गांधी : डॉ. अरविंद सिंह

भाजपा प्रत्याशी पर लगाए कई गंभीर आरोप

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह मंगलवार को पार्टी प्रमुख राहुल गांधी की न्यूनतम आय योजना (न्याय) को लेकर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि इस योजना से देश के 20 फीसदी सबसे गरीब लोगों को 6000 रुपये प्रतिमाह यानि 72 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलेंगे। इससे देश के लगभग 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा। देश को इसकी सख्त जरूरत थी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी भारत में गरीबी का अंत करने वाले नेता के रूप में जाने जाएंगे।

सेक्टर-29 में मंगलवार को अयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि उनकी सरकार जुमलेबाजों की सरकार नहीं होगी। कांग्र्रेस जो कहती है, वह करती है। उसकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होता है। उन्होंने भाजपा पर भी जमकर हमला बोला और कहा कि बीजेपी ने बड़ी बड़ी बातें की, लेकिन हकीकत सबके सामने है। डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में न्यूनतम आय गारंटी योजना से लगभग 10 लाख लोगों को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना पर 72 हजार रुपये खर्च होंगे। इसकी गणना कर ली गई है कि पैसा कहां से आएगा और किस माध्यम से पात्रों तक पहुंचेगा।

स्थानीय मुद्दों के बाबत कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि इस क्षेत्र में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां 2.5 लाख युवा बेरोजगार हैं। यहां शिक्षा और उद्योग होने के बावजूद युवा बेरोजगार सिर्फ इसलिए हैं कि इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया गया। किसानों के बाबत भी उन्होंने भाजपा को घेरने की कोशिश की। कहा कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। एयरपोर्ट के लिए किसानों जबरन जमीन ली गई, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। गांव की आबादी और पंचायत चुनाव खत्म करने के लिए भी उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताया और कहा कि यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।

स्कूलों में बेतहाशा फीस वृद्धि पर भी डॉ. अरविंद मौजूद सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये फीस वसूली जा रही है। शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है। इस पर अंकुश लगाने के लिए कानून आना चाहिए। फ्लैट बायर्स के मुद्दे पर भी वे बेबाक रहे। उन्होंने कहा कि वे फ्लैट बायर्स से मुलाकात कर उन्हें इस बात के लिए राजी करेंगे कि वे नोटा का बटन न दबाएं। यह समाधान नहीं है। वे बायर्स से कहेंगे कि जिन्होंने समाधान नहीं निकाला, उन्हें हटाएं और जो समाधान ला सकते हैं, उन्हें लाएं। उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसका समाधान असंभव हो। इसके लिए वे बायर्स, अथॉरिटी और बैंक को एक मंच पर लाकर समाधान कराएंगे। इस समस्या का समाधान सिर्फ इसलिए नहीं हुआ, क्यों जनप्रतिनिधि और सरकार के पास इच्छाशक्ति की कमी है।

एक सवाल के जवाब में कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि वह बाहरी नहीं हैं। यह जिला उनकी कर्मभूमि है। स्कूल से लेकर ग्रेजुएशन तक उन्होंने यहीं से की है। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए वह लंदन गए थे। ग्रेटर नोएडा में उनका अपना काम है। उन्होंने भाजपा पर भी सवाल दागा और कहा कि भाजपा के शीर्ष 10 नेता भी अपने जन्म स्थान से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्हें हमेशा डर रहता है कि वे अपने मूल स्थान से लड़े तो मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि वे पैराशूटी प्रत्याशी नहीं हैं। उनकी सीधी लड़ाई भाजपा से है। गठबंधन उम्मीदवार कहीं नहीं है। आने वाले 2-4 दिनों में वह भाजपा से बहुत आगे निकल जाएंगे।
भाजपा के स्थानीय सांसद का हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि उन्होंने अपने फायदे के लिए सरकारी अस्पतालों के नेटवर्क को समाप्त कर दिया और प्राइवेट अस्पतालों का एक नया नेटवर्क तैयार कर लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी दुर्घटना में घायल को भी सरकारी अस्पताल के बजाय उन्हीं के अस्पताल में ले जाया जाता है।

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