दिल्ली पुलिस की बड़ी रिकवरी,1800 करोड़ से ज्यादा कीमत की हेरोइन बरामद, दो अफगानी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की बड़ी रिकवरी,1800 करोड़ से ज्यादा कीमत की हेरोइन बरामद, दो अफगानी गिरफ्तार

रिपोर्ट: राकेश रावत

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अब तक के पुलिस इतिहास की सबसे बड़ी ड्रग्स रिकवरी की है। पुलिस ने ये रिकवरी मुंबई के नवा शेरा पोर्ट से की है जहां एक कंटेनर बरामद हुआ जिसमे से 20 टन से ज्यादा अच्छी क्वालिटी की हेरोइन बरामद हुई। बरामद हेरोइन की अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1800 करोड़ से भी ज्यादा है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन मिलने के इस मामले के तार नार्को टेरर से जुड़े हुए है। स्पेशल सेल ने इस मामले में दो अफगानी नागरिको को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुछ दिन पहले भी दो अफगानी नागरिक गिरफ्तार किए थे और उनके कब्जे से भी 1300 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद हुई थी। ड्रग्स का ये पैसा पाकिस्तान में खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास जाना था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर ड्रग्स से भरा कंटेनर बरामद किया है। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन का घोल बनाकर मुलेठी पर कोटिंग की गई है

स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने बताया कि इसी महीने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कालिंदी कुंज इलाके से दो अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया था. उनकी निशानदेही पर दिल्ली ,ग्रेटर नोएडा और लखनऊ से 1300 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद हुई थी. पूछताछ के दौरान आरोपी व्यक्तियों से लगातार पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया की मुंबई बंदरगाह पर हेरोइन के साथ भिगोए गए मुलेठी वाले 17 बैग एक कंटेनर में छिपाये हुए है जिसमे लगभग 345 किलोग्राम कंट्राबेंड की मात्रा हो सकती है। इस पूरी खेप का वजन 20,000 किलोग्राम था। पुलिस की एक टीम मुंबई बंदरगाह भेजी गई और कंटेनर की तलाश की। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कंटेनर को खोजे और उसकी जाँच की तो उसमे 20 हज़ार किलो मुलेठी की परत चढ़ी हेरोइन बरामद हुई। जिसमे हेरोइन का कुल वजन 345 किलो था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुंबई के नवा शेरा पोर्ट से कंटेनर को अपने कब्जे में लिया और उसमे से 1800 करोड़ की हेरोइन जब्त कर ली. हेरोइन पर मुलेठीका घोल बनाकर उसके ऊपर चढ़ाया गया था। स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने बताया कि छुपा हुआ प्रतिबंधित पदार्थ कंटेनरों में पड़ोसी देश के बंदरगाह पर ले जाया जाता है, जहां से यह भारत के विभिन्न बंदरगाहों पर उतरता है। इस बार खेप को पहले अफगानिस्तान से पाकिस्तान में ले जाया गया था, जहां से एजेंसियों द्वारा पता लगने से बचने के लिए इसे मध्य-पूर्व के देश में भेज दिया गया था। वहां से, वैध आयात माल के साथ मिश्रित प्रतिबंधित सामग्री वाली खेप को आगे जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मुंबई भेज दिया गया। अंतिम उत्पाद हेरोइन प्राप्त करने के लिए यह खेप मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में स्थित अस्थायी कारखानों तक उचित समय पर पहुंचना था।

धालीवाल के अनुसार इस ड्रग्स का पैसा पाकिस्तान में खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास जाना था। इसलिए पुलिस इसे नार्को टेरर का मामला मानते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की है। एचजीएस धालीवाल ने बताया कि जब्त की गई हेरोइन का कुल मूल्य लगभग 1800 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। कंटेनर को दिल्ली लाया गया है. यह बरामदगी यह साफ कर देती है कि नार्को टेरर हमारे देश को कैसे प्रभावित कर रहा है। दुनिया के ड्रग्स के धंधेबाज हमारे देश में ड्रग्स सप्लाई के लिए विभिन्न तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुंबई के नवा शेरा पोर्ट से जिस कंटेनर से करीब 1800 करोड़ की हेरोइन बरामद की गई है, वह एक साल से ज्यादा समय से वहां रखा था. यह बरामदगी हाल ही में पकड़े गए दो अफगानी नागरिकों की निशानदेही पर हुई है। पुलिस के मुताबिक इस सिंडिकेट से अब तक 3000 करोड़ के ड्रग्स जब्त किए जा चुके हैं। यह मामला नार्को टेरर से जुड़ा है क्योंकि ड्रग्स का पैसा पाकिस्तान जा रहा है।

अफगानिस्तान से ड्रग्स की खेप दुबई के जरिए बुक होकर मुंबई पहुंची थी। मुंबई में यह कंटेनर पिछले साल 21 जून से रखा था। दिल्ली पुलिस ने नशले पदार्थ हेरोइन की यह पुलिस के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की है। पुलिस अभी इस मॉड्यूल की जाँच करके तह तक पहुंचना चाहती है और नार्को टेरर से जुड़े हर कड़ी को तोड़कर खत्म करना चाहती है।

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