बीएसए का तुगलकी फरमान….

- वैक्सीन ना लगवाने व टेस्ट ना करवाने को लेकर शिक्षकों की सैलरी रोकनें के आदेश की चेतावनी पर शिक्षक हुए मुखर, विरोध शुरू

हापुड़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न करवाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर कोरोना टेस्ट व वैक्सीन नहीं लगवाने वाले सरकारी शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश पर शिक्षक संघ मुखर हो गया और आदेश का विरोध करते हुए डीएम व बीएसए से मिलनें की बात की।

पूर्व माध्यमिक उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ हापुड़ शाखा के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने बताया कि बीएसए को दिए पत्र में कहा कि सघ इस आदेश का विरोध करता है।रविवार को संघ की जनपद कार्यसमिति की बैठक का ऑनलाइन आयोजन किया गया। बैठक को निम्म प्रस्ताव पारित किए गए । जिनमें शासनादेश के अनुसार वेतन प्रत्येक माह एक से तीन तक भुगतान हो जाना चाहिये ,परन्तु वेतन का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। विलंब के लिये जिम्मेदौर के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही हो और वेतन का भुगतान शीघ्र होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वेतन का सम्बन्ध कोरोना टेस्ट व वैक्सीनेशन से जोड़ना हमारे अधिकारों का हनन है यदि कोरोना टेस्ट व वेक्सीनेशन करवाना है तो प्रत्येक ब्लाक में कैम्प लगवाएं जाएं। कोई शिक्षक कर्मचारी कोविड पॉजीटिव होता है विद्यालय एक सप्ताह के लिये बन्द व सैनाटाईंजर की व्यवस्था की जाये और सभी शिक्षकों को 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाये। इसके लिये कार्यालय से स्पष्ट दिशा निर्देश जारी हो ।

पत्र में कहा गया कि पंचायत चुनाव की डयूरी करने के पश्चात शिक्षक एवं कर्मचारियो को एक सप्ताह होम आइसोलेशन में रखने का आदेश जारी किया जाये। ड्यूटी (निर्वाचन) के समय शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उत्तम क्वालिरी के मास्क व सैनाटाईंज उपलब्ध करवाया जाएं। कोविड पॉजिटिव व गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को निर्वाचन की ड्यूटी से मुक्त किया जाये। ऐसे शिक्षक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं, परन्तु उनके प्रार्थना पत्र पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है यदि निर्वाचन प्रभावित होता है तो कार्यालय स्वयं उत्तरदायी होगा । जनपद में नवनियुक्त शिक्षकों व विभिन्न जनपदों से आये शिक्षको का वेतन शीघ्र जारी किया जाये।

उन्होंने कहा कि उपरोक्त समस्याओं का संज्ञान लेकर समाधान करें। कोरोना जांच की बाध्यता व वेतन भुगतान रोकनें का संघ से विरोध करता है। इस आदेश को निरस्त कर मार्च माह के वेतन का भुगतान में इन समस्याओं के समाधान न होने पर संघ कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा और उसके लिए आपका कार्यालय उत्तरदायी होगा।

उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष नीरज चौधरी का कहना है,कि इस आदेश के सम्बंध में शिक्षक जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा से वार्ता करेंगे। क्योंकि मार्च माह में शिक्षकों को वेतन की सबसे अधिक जरूरत होती है। क्योंकि जनवरी व फरवरी में आधा वेतन टैक्स की कटौती में चला जाता है।

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