बुलंदशहर पुलिस ने अलीगढ़ के उद्योगपति को पीटा; इंस्पेक्टर निलंबित, मुकदमा दर्ज

-पीड़ितों के साथ दबिश देने अलीगढ़ आए इंस्पेक्टर ने खुद को बुलंदशहर का नगर कोतवाल बताया और उद्योगपति को स्कार्पियों में डालकर की पिटाई 

अलीगढ़। गोरखपुर में व्यापारी की हत्या का दाग अभी धुला भी नही था कि उत्तर प्रदेश पुलिस पर अलीगढ़ में दबंगई करने का आरोप लग गया है। इस मामले में बुलंदशहर पुलिस ने न सिर्फ क्षेत्रातिक्रमण किया बल्कि स्थानीय उद्योगपति पर कहर भी बरपाया। दरअसल, एक मामले में पीड़ितों के साथ दबिश देने आए इंस्पेक्टर ने खुद को बुलंदशहर का नगर कोतवाल बताया और उद्योगपति को स्कार्पियों में डालकर पिटाई कर दी। जब मामला आइजी रेंज मेरठ प्रवीण कुमार के संज्ञान में मामला आया तो आरोपित इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। वहीं, इहरदुआगंज थाने में इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक तालानगरी के सेक्टर एक में उद्योगपति अभिषेक तिवारी की पापे बनाने की फैक्ट्री है। गुरुवार रात आठ बजे अभिषेक की फैक्ट्री में बुलंदशहर की नगर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव अपने साथियों के साथ पहुंचे। अभिषेक के मुताबिक, स्कार्पियो से आठ-दस लोग उतरे और उन्होंने अभिषेक को बाहर बुलाया। जैसे ही अभिषेक बाहर आए, उन लोगों ने बिना कुछ बताए पीटना शुरु कर दिया और रिवाल्वर तानकर कार में बैठा लिया। इसके बाद सड़क पर घूमते रहे। आरोप है कि अजय कुमार यादव ने खुद को बुलंदशहर नगर कोतवाली का इंस्पेक्टर बताकर रौब गालिब किया व अभिषेक तिवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार करने की बात कही।

अभिषेक का आरोप है कि राजीव शर्मा और अमित अरोरा व एक अन्य ने रिवाल्वर तानकर इंस्पेक्टर के साथ मिलकर उद्योगपति की पिटाई की और गुप्तांग पर कई लात मारकर अधमरा कर दिया। काफी देर तक गाड़ी बुलंदशहर रोड की ओर दौड़ती रही और 40 मिनट बाद अभिषेक को अलीगढ़ में छोड़कर उक्त लोग फरार हो गए। अभिषेक तिवारी ने राजीव शर्मा, अमित अरोरा, अजय कुमार व एक अज्ञात के खिलाफ हरदुआगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

इस संबंध में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को आइजी रेंज प्रवीण कुमार से मिला और शिकायत की। आइजी रेंज ने एसएसपी संतोष कुमार सिंह से मामले की रिपोर्ट मांगी।एसएसपी ने बताया कि नगर कोतवाल अथवा सीओ को गैर जनपद में दबिश की जानकारी आरोपित इंस्पेक्टर ने नहीं दी थी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आइजी रेंज मेरठ प्रवीण कुमार ने इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया है।

नगर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव द्वारा अलीगढ में पहुंचकर एक 420 और 406 धाराओं में दर्ज मुकदमे में दबिश देने बगैर अधिकारियों के संज्ञान में दिए ही गए। हालांकि इस मामले में गिरफ्तारी भी नहीं है, इंस्पेक्टर की भूमिका किसी निजी स्वार्थ के लिए करना प्रतीत हो रहा है। मेरठ रिपोर्ट भेजकर अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है।

-संतोष कुमार सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर

ये है मामला

तीन माह पूर्व उद्योगपति अभिषेक तिवारी के खिलाफ नगर के ही एक व्यक्ति ने जालसाजी कर ठगी करने का मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस पर अवैध वाहन कटान का आरोप है। इस मामले में सात वर्ष से कम सजा होने के बावजूद आरोपित इंस्पेक्टर ने पीड़ितों से साज की और दबिश देने गैर जनपद चले गए। इसकी जानकारी नगर कोतवाली प्रभारी अथवा आलाधिकारियों को भी नहीं दी गई। हरदुआगंज थाने को भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। जब फैक्ट्री के बाहर पुलिस की भीड़ जुटी, तब जाकर किसी ने सूचना दी कि उद्योगपति को अगवा कर ले जाया जा रहा है। तालानगरी चौकी प्रभारी दारोगा हरेंद्र सिंह पहुंच गए, जिन्हें एक व्यक्ति ने खुद को बुलंदशहर कोतवाली इंचार्ज बताते हुए अभिषेक को एक मुकदमे में गिरफ्तार करने की कहते हुए गाड़ी में डाल लिया।

हरदुआगंज थाने में तीन नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि गैर राज्य व गैर जिले से जब भी कोई पुलिस टीम गिरफ्तारी, दबिश, कुर्की या अन्य किसी कार्रवाई के लिए आती है तो आगंतुक पुलिस टीम के पूर्ण विवरण व उद्देश्य से अपने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी को अवगत कराया जाए। क्षेत्राधिकारी बाहर से आई पुलिस टीम से अवश्य बात करें। जो भी पुलिस कार्रवाई हो, सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत की जाए।

-कलानिधि नैथानी, एसएसपी, अलीगढ़

Comments are closed.