कोरोना से बचाव के लिए 80 हजार बेड की चुनौती पूरी करेगी सरकार, एलजी का आदेश भी होगा लागू : अरविंद केजरीवाल

-स्टेडियम, मैरिज हाल और अन्य स्थानों पर बेड की व्यवस्था के लिए खुद मैदान में उतरेंगे सीएम

नई दिल्ली, 10 जून (TSN)। मंगलवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में जो आंकड़े पेश किए गए थे। उसके मुताबिक दिल्ली में आने वाले दिनों में नोवल कोरोनावायरस रोग (कोविड)-19 के मामले तेजी से फैलने वाले है। 15 जून तक 44 हजार केस हो जाएंगे, जो अभी 31 हजार है। 30 जून तक एक लाख, 15 जुलाई तक 2.25 लाख केस और 31 जुलाई तक 5.32 लाख कोरोना केस हो जाएंगे। इसे देखते हुए 15 जून तक 6681, 30 जून 15000 बेड, 15 जुलाई तक 33 हजार और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत है। चुनौती बहुत बड़ी है। इसलिए अब कोरोना से बचने के लिए इसे जन-आंदोलन बनाना है।
यह बातें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आयोजित डिजिटल कांफ्रेंस में कहीं। उन्होंने कोरोना से बचाव के बाबत जनता से कहा कि हमें, तीन बातों का ध्यान रखना है, मास्क लगाना है। हाथ धोना है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। अभी हमें खुद करना था। मगर, अब दूसरे से भी करने के लिए कहना है। क्योंकि अगर कोई और नहीं कर रहा है तो उसकी वजह से कोरोना फैल सकता है। इसलिए खुद करना होगा दूसरे से भी कराना होगा। कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाना है। गौरतलब है कि सीएम कोरोना जैसे लक्षणों का सामना करने के कारण अभीतक घर पर क्वारंटाइन कर रहे थे। कल शाम कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोबारा से काम में जुट गए हैं।

एलजी के फैसले पर जताई सहमति, किया जाएगा लागू

सीएम ने कहा, दिल्ली की कैबिनेट ने फैसला लिया था कि कोरोना के दौरान दिल्ली के अस्पताल में दिल्लीवालों का इलाज हो। सोमवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली की कैबिनेट के उस निर्णय को पलट दिया।
एलजी साहब (उपराज्यपाल) ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अस्पताल में सबका इलाज होगा। मेरा मानना है कि केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया है। एलजी साहब ने आदेश दे दिया है तो यह समय एक दूसरे से असहमति का समय नहीं है। अब एलजी साहब ने जो आदेश दे दिया है उसे लागू किया जाएगा।
दिल्ली के अस्पतालों में बाहरी राज्यों से आते हैं 50 फीसदी मरीज
15 जुलाई तक 33 हजार बेड की जरूरत है। बाहर से कितने लोगों के आने की उम्मीद है। इसपर देखे तो सामान्य समय में 50 फीसदी लोग दिल्ली से बाहर के लोग आते है। जितने बेड दिल्ली के लोगों को चाहिए। उतने ही बेड बाहर से आने वाले लोगों के लिए चाहिए। उस लिहाज से हमे कुल 65 हजार बेड की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह 31 जुलाई तक 1.60 लाख की बेड चाहिए। यह बड़ी चुनौती है।
 
कोविड मरीजों के लिए स्टेडियम, बैंक्वेट हाल में भी की जाएगी व्यवस्था
 
यह चुनौती है। मगर हम कोशिश करेंगे। मैं खुद जमीन पर उतरूंगा, स्टेडियम, होटल, बैक्वेंट हॉल को तैयार करेंगे। हमारी पूरी कोशिश होगी। ईमानदारी के साथ कोशिश करूंगा। मगर यह चुनौती है। यह बड़ी चुनौती है। यह मानव जाति पर सबसे बड़ी विपदा है। मैं, पड़ोसी राज्यों से निवेदन करता हूं कि वह अपने राज्यों में कोविड के इलाज की समुचित व्यवस्था करें जिससे कम से कम लोग दिल्ली आएं। मुझे उम्मीद है कि वह बेहतर कर रहे होंगे। मगर वह करें। इससे दिल्ली पर बोझ कम होगा।
 
अच्छा काम कर रही है मीडिया
 
मीडिया के लोग बहुत अच्छा काम कर रहे है। उन्होंने हमारी कमियां बताई है। कोरोना ऐप को लेकर कई कमिया बताई। हमने उसे दूर किया है। मगर अब भी कुछ कमियां होगी। हम चाहते है उसे बताएं हम उसे दूर करें। न्यूज चैनल पर आकर समस्या बताने वाले बहुत कम लोग है। बहुत से ऐसे  लोग है जिनकी समस्या सामने नहीं आ पाती है।
 
पिछले 8 दिन में 1900 लोगों को मिले कोविड बेड
 
बीते आठ दिनों में 1900 लोगों को कोविड बेड मिले है। आज 42 बेड अभी खाली है। यह सरकारी अस्पतालों में खाली है। निजी अस्पताल लगभग भर चुके है। लेकिन एक तरफ जहां 1900 को बेड मिले। वहीं 150-200 लोगों को धक्के खाने पड़े। हमें जब टीवी चैनल पर दिखाया जाता है तो हमारी टीम सीधे उनकी मदद करने की कोशिश करती है। हम उसके साथ सिस्टम की कमी को दूर करने की भी कोशिश करते है। जिससे आने वाले दिनों में किसी और को दिक्कत ना हो।
अगर मिलकर नही लड़े तो कोरोना जीत जाएगा
सीएम ने कहा, सबसे जरूरी बात ये है कि यह समय लड़ने का नहीं है। यह समय राजनीति करने का नहीं है। अगर हम सारे लड़ते रहे तो कोरोना जीत जाएगा। यह समय मिलकर कोरोना से लड़ने का समय है। एकजुट होकर एक देश बनना है। जब तक सारे मिलकर नहीं लड़ेंगे तब तक कोरोना को हम नहीं हरा पाएंगे। यह बहुत बड़ी विपदा है। हमें सभी राजनीतिक दलों, संस्थाओं को मिलकर लड़ना होगा। हम आपस में लड़ेंगे तो कोरोना जीत जाएगा। हम एकजुट होकर लड़े तो कोरोना हार जाएगा।
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