देश के शहीद जांबाजों के परिवारों को केजरीवाल सरकार ने दी एक-एक करोड़ रुपए की सहायता राशि

- दिल्ली पुलिस के शहीद एसीपी संकेत कौशिक, दिल्ली पुलिस के शहीद कॉन्स्टेबल विकास कुमार, शहीद सिविल डिफेंस कार्यकर्ता प्रवेश कुमार, एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर मीत कुमार के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि दी

नई दिल्ली। केजरीवाल सरकार ने देश के लिए शहीद होने वाले जांबाजों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी है।‌ दिल्ली पुलिस के शहीद एसीपी संकेत कौशिक, दिल्ली पुलिस के शहीद कॉन्स्टेबल विकास कुमार, शहीद सिविल डिफेंस कार्यकर्ता प्रवेश कुमार, एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर मीत कुमार के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि के चैक सौंपे गए हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम इनकी जान की कीमत तो नहीं लगा सकते हैं, लेकिन उम्मीद है कि इससे इनके परिवार को थोड़ी मदद मिलेगी।परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि केजरीवाल सरकार की तरफ से शहीद ‌के परिवारों को सम्मान राशि सौंपी गई है।

केजरीवाल सरकार के मंत्री, विधायक और राज्यसभा सांसद ने शहीदों के परिवारों को उनके आवास पर जाकर आर्थिक सहायता दी है। दिल्ली पुलिस एयर फोर्स और ट्रांसपोर्ट विभाग में अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद होने वाले जांबाजों को आर्थिक सहायता दी गई है।

दिल्ली पुलिस के एसीपी संकेत कौशिक 25 जुलाई 2020 को शहीद हो गए थे। मूलरूप से राजस्थान के अजमेर, शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय संकेत कौशिक की तैनाती साउथ वेस्ट दिल्ली में ट्रैफिक में थी। 25 जुलाई 2020 को उनकी ड्यूटी राजकोरी फ्लाई ओवर पर थी। वह सरकारी वाहन से उमराव होटल के पास सर्विस लेन पर वाहनों की जांच करने लगे। इसी दौरान रात करीब 8 बजे गुरुग्राम की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे एक मिनी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्हें बेहद गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। जिसके बाद शहीद के वसंत एन्क्लेव स्थित आवास पर जाकर उनकी पत्नी प्रभा कौशिक और मां शंकुतला कौशिक को आरके पुरम विधायक प्रमिला ने चैक सौंपा।

दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल विकास कुमार 1 अक्टूबर 2016 को शहीद हो गए थे। हरियाणा के झज्जर जिला निवासी स्वर्गीय विकास की तैनाती नई दिल्ली स्थित वंसत विहार थाने में थी। वह 15 सितंबर 2016 को आउटर रिंग रोड के पास जीया सराय से नेहरू प्लेस तक पिकेट ड्यूटी कर थे। इसी दौरान मुनिरिका की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आती दिखी। वहां मौजूद एएसआई ने जांच के लिए आ रही कार के चालक को रूकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने कार की गति बढ़ा दी और वैरिकेड को तोड़ते आगे निकल गया।

वैरिकेड टूट कर पास में खड़े कांस्टेबल विकास को लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में एम्स ट्रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद एक अक्टूबर 2016 को उनका निधन हो गया था। जिसके बाद शहीद के बहादुरगढ़ (हरियाणा) आवास पर जाकर उनकी पत्नी सविता और मां निर्मला देवी को एमपी सुशील गुप्ता ने आर्थिक सहायता का चैक सौंपा।

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