देश में ब्लैकआउट का डर, केंद्र ने कहा- ज़बरदस्ती फैलायी जा रही है दहशत

केंद्र ने बताया कि वैश्विक कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कोयले का संकट सामने आ खड़ा हुआ है.

केंद्र ने दिल्ली सहित देश के कई राज्यों द्वारा ब्लैकआउट पर चिंता जताने के बीच कहा कि बिजली संयंत्रों पर कोयले की भारी कमी से पड़ने वाले असर को अगले कुछ दिनों में नियंत्रित कर लिया जाएगा. केंद्र ने बताया कि वैश्विक कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कोयले का संकट सामने आ खड़ा हुआ है. आयातित कोयला आधारित बिजली संयंत्र आयातित कोयला कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की वजह से अपनी क्षमता के आधे से भी कम बिजली का उत्पादन कर रहे हैं. बिजली उत्पादन क्षेत्र इन दो कारणों से दोहरे दबाव में है.

इस बीच, रविवार को कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में बिजली उत्पादक संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार है. कोयले की कमी की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं को मंत्रालय ने पूरी तरह निराधार बताया. कोयला मंत्रालय ने कहा कि करीब 72 लाख टन का कोयला भंडार बिजली संयंत्रों के पास है जो चार दिन के लिए पर्याप्त है. 400 लाख टन का भंडार कोल इंडिया के पास है जिसकी आपूर्ति बिजली संयंत्रों को की जा रही है.

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