दिल्ली बनी आत्मनिर्भर, 27 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और दो क्रायोजेनिक रिफिलिंग प्लांट हुए शुरु

- उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दो पीएसए प्लांट्स और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने चार पीएसए प्लांट के साथ दो क्रॉयोजेनिक रिफिलिंग प्लांट का किया उद्घाटन

नई दिल्ली। मेडिकल ऑक्सीजन के मामले में दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संकल्प के सुखद परिणाम धरातल पर उतरने लगे हैं। केजरीवाल सरकार ने कोरोना के संभावित खतरे के मद्देनजर बुधवार को दिल्ली के सरकारी अस्प्तालों में 31 मीट्रिक टन क्षमता के 27 पीएसए प्लांट और 12 मीट्रिक टन क्षमता के दो क्रायोजेनिक ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट का उद्घाटन किया।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूर्वी दिल्ली के चाचा नेहरु बाल चिकित्सालय और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में क्रमशः 0.9 और 1.80 मीट्रिक टन क्षमता के दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स का उद्घाटन किया। जबकि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एलएनजेपी अस्पताल में तीन और भगवन महावीर अस्पताल में एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया, जिनकी क्षमता क्रमशः 5.31 मीट्रिक टन और 1.80 मीट्रिक टन है।

साथ ही, उन्होंने सिरस्पुर अस्पताल के पास 12 मीट्रिक टन क्षमता के दो क्रॉयोजेनिक रिफिलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, विधायकों ने भी अपने- अपने इलाके में स्थापित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उदघाटन किया। गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर में भारी कमी आने के बावजूद केजरीवाल सरकार इसके संभावित खतरे के मद्देनजर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए युद्धस्तर काम कर रही है।

इस संबंध में मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने देगी। दिल्ली में संक्रमण की दर कम हुई है, लेकिन सरकार भविष्य में आने वाले किसी भी संकट से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली सरकार, दिल्ली के अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स लगा रही है, ताकि अस्पतालों की बाहर से ऑक्सीजन लेने की निर्भरता कम हो सके और आपातकाल के दौरान दूसरे अस्पताल भी इन प्लांट्स से ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करा सकें।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी मांग थी और कई मौकों पर अस्पतालों को ऑक्सीजन की किल्लत से जूझना पड़ा था। भविष्य में किसी भी संकट के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए केजरीवाल सरकार, दिल्ली के अस्पतालों को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है। साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड्स भी बढ़ाए जा रहे हैं।

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