डॉगी की नसबंदी के लिए न करें नकद भुगतान

ह्यूमन वेलफेयर के खाते में सिर्फ ऑनलाइन ही करें भुगतान

अभिषेक ब्याहुत 

नोएडा: ग्रेटर नोएडा में लावारिस डॉग्स की नसबंदी व वैक्सीनेशन के लिए किसी को भी नकद भुगतान न करें, सिर्फ ह्मूयन वेलफेयर सोसाइटी के खाते में ऑनलाइन भुगतान करें। अगर किसी ने आपसे नकद राशि ली है तो  इसकी सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 8005867769 पर दें। वहीं अब तक 70 डॉगी की नसबंदी हो गई है। साथ ही 210 पंजीकरण हुए हैं।
दरअसल, लावारिस डॉग्स से निजात दिलाने के लिए बीते 24 फरवरी से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नसंबदी व वैक्सीनेशन की शुरुआत की है। इसे प्रोजेक्ट भैरव नाम दिया गया है। इसके तहत लावारिस कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कर पांच दिन कैनल्स में रखकर उनकी देखभाल करने के बाद उसी जगह वापस छोड़ दिया जाता है। ह्यूमन वेलफेयर नाम की संस्था को यह जिम्मेदारी दी गई है। यही संस्था कुत्तों को पकडक़र लाती है। उनकी नसबंदी व वैक्सीनेशन करने के बाद वापस उसी जगह छोड़ती है। ग्रेटर नोएडा  प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर सेक्टर स्वर्णनगरी में नसबंदी केंद्र बनाया गया है। प्रत्येक डॉग्स की नसंबदी पर 1000 रुपये खर्च आता है, जिसमें 250 रुपये आरडब्ल्यूए या अपार्टमेंट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन वहन करता है जबकि 750 रुपये ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करता है। यह रकम ह्यूमेन वेलफेयर सोसाइटी के बैंक खाते (संख्या -677601700827, आईएफएसी कोड-आईसीआईसी 0006776, आईसीआईसीआईबैंक) में प्रति कुत्ते के हिसाब से 250 रुपये जमा कराना होता है। इसके अतिरिक्त डॉग्स के नसबंदी या वैक्सीनेशन के लिए किसी को भी नकद राशि का भुगतान न करें।  ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि जिस भी सेक्टर या सोसाइटी की आरडब्ल्यूए को अपने यहां के कुत्तों की नसबंदी करानी है, वे प्रति कुत्ते के हिसाब से 250 रुपये संस्था के खाते में जमा करा सकते हैं। संस्था के प्रतिनिधि कुत्तों को पकडक़र लाएंगे। उनकी नसबंदी करेंगे और फिर उनको वहीं पर छोड़ आएंगे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के ऐनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) रूल के अनुसार जिस कुत्ते को जहां से पकड़ा जाएगा, नसबंदी के बाद उसे वहीं छोडऩा होगा।

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