आर्थिक अपराध शाखा ने 8 साल से फरार चल शातिर को किया गिरफ्तार, 100 करोड़ की जालसाजी का आरोप

आर्थिक अपराध शाखा ने 8 साल से फरार चल शातिर को किया गिरफ्तार, 100 करोड़ की जालसाजी का आरोप

रिपोर्ट: राकेश रावत

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है जो पिछले 8 साल से फरार चल रहा था. उसने कई लोगो से ठेका दिलाने के नाम लगभग 100 करोड़ की जालसाजी की थी.पुलिस को उसकी गिरफ्तारी से आर्थिक अपराध के 4 मामलों में खुलासा हुआ है. आरोपी की पहचान प्रदीप पालीवाल के रूप में हुई है.

आर्थिक अपराध शाखा की ज्वाइंट कमिश्नर छाया शर्मा ने बताया कि आरोपी प्रदीप पालीवाल है जिसने एक महिला शकुंतला को राजस्थान में ग्रेनाइट खनन का ठेका डलवाने के लिए 20 करोड़ रूपए निवेश करने के लिए प्रेरित किया था. इसके एवज में वह प्रतिमाह 50 लाख रुपए देने की बात तय की गई थी. शकुंतला ने चेक और आरटीजीएस के द्वारा लगभग 17 करोड रुपए इसको दे दिए थे और बाकी की रकम भी उसे दे दी. कई महीने बीत जाने के बाद भी प्रदीप पालीवाल ने जब उसको हर महीने 50 लाख नहीं दिए तो फिर शकुंतला देवी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया. शकुंतला देवी से लगभग 20 करोड की ठगी करने के बाद आरोपी अपने ठिकाने दिल्ली से कई राज्य में बदलता रहा. पिछले 7 सालों से वह कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली सहित कई राज्यों मे छिपकर रह रहा था.

प्रदीप पालीवाल एक वांटेड अपराधी था इसलिए वह हवाई जहाज से ना चलकर अपनी पजेरो कार का प्रयोग किया करता था, जो उसने अपने एक दोस्त के नाम पर खरीदी हुई थी. वह कभी 24 घंटे से अधिक एक जगह पर नहीं रहता था. वह लोगों से बात करने के लिए टेलीग्राम का प्रयोग करता था और जिंबाब्वे के एक फर्जी सिम नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट चला रहा था.

आर्थिक अपराध शाखा पुलिस पिछले काफी समय से पीछा कर रही थी. जांच में पुलिस को तकनीकी विश्लेषण से यह पता पड़ा कि वह अपने मिलने वाले दोस्तों और अपने बिजनेस पार्टनर के साथ टेलीग्राम और व्हाट्सएप कॉल का उपयोग कर रहा था. पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल और टेक्नीकल सर्विलांस से पता लगाया कि इस समय वह दिल्ली के शाहदरा के पास मौजूद है. पुलिस को उसकी लोकेशन होटल पार्क के पास मिल रही थी. पुलिस टीम ने जब पार्क होटल जाकर जब वहां की पार्किंग में राजस्थान नंबर की एक पजेरो को खड़ा पाया जो श्रद्धा जैन के नाम से थी. पुलिस ने जाल बिछाकर क्रॉस रिवर मॉल के पास है इसके साथी विनायक भट्ट और प्रदीप पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया. विनायक भट्ट सीबीआई के एक मामले वांछित चला था जिसको पुलिस ने सीबीआई को सौंप दिया है.

प्रदीप पालीवाल ने पूछताछ में बताया कि वह 11वीं तक पढ़ा हुआ है और जब उसने पढ़ाई छोड़ दी थी तो अजमेर में अपने पिता के स्टील लोहे के कारोबार में शामिल हो गया था.वह पिछले 20 साल से ग्रेनाइट खनन और रियल एस्टेट का काम कर रहा था. दिल्ली की रहने वाली रोशनी पालीवाल से 1981 में इसकी शादी हुई थी. प्रदीप पालीवाल के अपने परिवार से अच्छे संबंध नहीं है.

वह पिछले 7 साल से अपनी पत्नी और बेटियों के साथ नहीं रह रहा है. वह अलग अलग शहरो में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. उसके रहने के लिए उसका दोस्त विनायक भट्ट इसकी मदद कर रहा था. इसके खिलाफ लगभग 4 मामले दर्ज हैं. जिसमें इसने लगभग 100 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी. इसकी कंपनी होली स्टार को भी प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जांच कर रही है. फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने उसको गिरफ्तार करके आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।

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