एक लाख का इनामी दारोगा विजय यादव पहुंचा हाईकोर्ट की शरण में

घटना के बाद से ही खुद को बचाने की लगाते रहे जुगत

प्रयागराज। प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड में इंस्पेक्टर समेत दो आरोपियों को गोरखपुर पुलिस ने रामगढ़ताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। उधर एक लाख इनामी दारोगा विजय यादव ने हाईकोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली है। मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले में सीधे तौर पर मॉनिटरिंग करने से यह मामला खासा हाईप्रोफाइल हो गया है । लिहाजा अपने बचत के लिए आरोपी दरोगा कानून के जानकारों की निरंतर मदद ले रहा है। इसीलिए वह हाईकोर्ट में अब अपनी सरेंडर अर्जी डालकर खुद को बचाने की तरकीब ढूंढ रहे हैं।

मालूम हो कि विजय यादव जौनपुर जिले के बक्शा थाना के चितौड़ी गांव का मूल निवासी है। वारदात के बाद से वह फरार है। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके पैतृक आवास समेेत अन्य सम्भावित ठीकानों पर निरंतर दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक कानपुर व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में फरार आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायन सिंह (जेएन सिंह) चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में गोरखपुर आए थे। आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आपको बता दें कि दो दिन पहले फरार पुलिसकर्मियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इनाम की राशि 24 घंटे के भीतर ही बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दी गई थी। घटना के बाद से यह पुलिसकर्मी फरार चल रहे थे। घटना की जांच कर रही एसआईटी टीम की सदस्य और डीसीपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया था कि बर्रा-3 के जनता नगर निवासी मनीष की मौत के मामले में फरार चल रहे हत्यारोपित तत्कालीन इंस्पेक्टर अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी जेएन सिंह, बलिया निवासी तत्कालीन एसआई अक्षय मिश्रा, जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र के चितौड़ी गांव निवासी एसआई विजय यादव, मिर्जापुर निवासी एसआई राहुल दुबे, गाजीपुर निवासी मुख्य आरक्षी कमलेश यादव और गाजीपुर निवासी आरक्षी प्रशांत कुमार को सस्पेंड किया जा चुका है।

Comments are closed.