इटावा: मुलायम के गांव सैफई मे आजादी के बाद पहली दफा प्रधान के लिए हो रहा है मतदान

 

रिपोर्ट- नीलकमल

इटावा 19 अप्रैल। उत्तर प्रदेश भर में सर्वाधिक चर्चित मानी जाने वाली समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गांव सैफई से प्रधान पद के लिए पहली दफा मतदान किया जा रहा है।दलित जाति के आरक्षण होने के बाद एकमत होकर के नेता जी के करीबी बुजुर्ग रामफल बाल्मीकि को मुलायम परिवार ने प्रधान पद के लिए तय कर दिया था लेकिन एक अन्य महिला विनीता के नामांकन कर देने से सैफई में निर्विरोध निर्वाचन की परंपरा पर ब्रेक लग गया । इसी कारण आज सुबह 7 बजे से सैफई के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मतदान शुरू हो गया है।

मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले रामफल बाल्मीक

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले रामफल बाल्मीक को प्रधान बनाने के लिए पूरा सैफई गांव एकमत हो चला है।आज सुबह समाजवादी पार्टी के नेता और बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, उनके पिता अभय राम सिंह यादव, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव अपनी पत्नी राजलक्ष्मी के साथ इस मतदान केंद्र पर मतदान करने के लिए पहुंचे।

उंगली पर लगी हुई नीली स्याही को दिखाते हुए प्रदर्शन किया

तीनों ने बारी बारी से नामंकन के बाद अपनी उंगली पर लगी हुई नीली स्याही को दिखाते हुए प्रदर्शन किया।इससे पहले कभी भी सैफई गांव में प्रधान पद के लिए मतदान नहीं हुआ है । हमेशा से निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होता रहा है । यह पहला मौका है जब सैफई गांव में प्रधान पद के लिए मतदान होने जा रहा है।1971 से लगातार प्रधान निर्वाचित होते आ रहे दर्शन सिंह का पिछले साल 17 अक्टूबर को 1971 निधन हो गया । रामफल भी दर्शन सिंह की तरह ही मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे हैं।

100 प्रतिशत जीत का दावा करते है

इसी गॉव के रामप्रकाश दुबे का कहना है कि लोग 100 प्रतिशत जीत का दावा करते है मेरा दावा तो 110 प्रतिशत का है । रामफल के अलावा कोई दूसरा इस प्रधान नही बन पायेगा ।सैफई गांव के ही दशरथ सिंह यादव कहते है कि रामफल बाल्मीकी उनके चाचा सामान है और उनको गांव का प्रधान बनाने के लिए सभी ने एक मत होकर तय कर लिया है कि रामफल प्रधान बनाने मे कोई कसर नही छोडी जायेगी ।पहले रामफल वाल्मीकी के निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही थी लेकिन एक अन्य विनीता के नांमाकन ने निविर्रोध निर्वाचन की उम्मीद खत्म कर दी ।

रामफल बाल्मीकी मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी

रामफल बाल्मीकी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी है । 1967 से मुलायम सिंह यादव से जुडे रामफल बाल्मीकी की पत्नी इससे पहले कई दफा जिला पंचायत सदस्य रह चुकी है । सैफई गांव के प्रधान पद के लिए पहली दफा अनसूचित जाति के लिए आरक्षित किये जाने पर रामफल बाल्मीकी को सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हरी झंडी दी । इससे पहले मुलायम सिंह के दोस्त दर्शन सिंह 1972 से प्रधान निर्वाचित होते आये है। पिछले साल अक्टूबर में दर्शन सिंह की मौत के बाद प्रधान सीट रिजर्व हो गयी है।

1967 से नेता जी सेवा में रहे है

रामफल बाल्मीकि कहते है कि 1967 से नेता जी सेवा में रहे है । नेता जी के साथ क्रांति रथ में भी घूम चुके है । अनुसूचित जाति की सीट घोषित होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मुखारविंद से आशीर्वाद दे प्रधान पद के लिए तय किया ।
सैफई प्रधान सीट कभी इस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रही । यहां लगातार मुलायम सिंह यादव के बालसखा दर्शन सिंह यादव निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होते रहे । दर्शन सिंह का निधन पिछले साल हो गया है इसलिए सैफई की प्रधानी पहली बार दर्शन सिंह यादव के बिना तय की गई है लेकिन रामफल बाल्मीकी ने दर्शन सिंह का भाई समान बता अपने आप को हर किसी का मुरीद बना लिया है ।

पहली दफा प्रधान के लिए हो रहा है मतदान

सैफई मे भले ही दलित जाति का प्रधान बने लेकिन बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि सैफई गांव में साल 1972 से दर्शन सिंह यादव ही लगातार प्रधान बने रहे । इतने लंबे समय तक किसी ग्राम पंचायत का प्रधान रहने का यह अपने आप में देश का अनोखा मामला है ।

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