एफसीआरए घूसकांड: गृह मंत्रालय का अवर सचिव रैंक अधिकारी सीबीआई हिरासत में

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) रिश्वत मामले में गृह मंत्रालय के एक अवर सचिव रैंक के अधिकारी को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनसे पूछताछ की गई। यह अधिकारी गृह मंत्रालय के एफसीआरए डिवीजन में तैनात थे।सूत्रों के मुताबिक घूसखोरी के मामले में एफसीआरए डिवीजन में तैनात एमएचए के गिरफ्तार छह स्टाफ सदस्यों से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया। उनकी भूमिका जांच के दायरे में है।

11 मई को सीबीआइ ने छह लोक सेवकों सहित 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरे देश में लगभग 40 स्थानों पर आरोपियों के परिसरों में तलाशी के दौरान 3.21 करोड़ रुपये (लगभग) की नकदी बरामद की। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन आदि बरामद किए गए। आरोपियों को रिश्वत के बदले एफसीआरए लाइसेंसों की ‘अवैध मंजूरी’ के लिए गिरफ्तार किया गया था।

वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कृषि निदेशालय के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दो अधिकारियों की पहचान पौध संरक्षण अधिकारी (PPO) देवेंद्र शर्मा और क्षेत्र सहायक राजेंद्र कुमार के रूप में की गई। इन दोनों अधिकारियों ने कृषि सहकारी समिति के एक सदस्य से 12 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार पीपीओ के साथ एक आवेदन दायर करने के बाद कुछ फर्मों के कीटनाशकों को अपनी सहकारी समिति के लाइसेंस में शामिल करने का अनुरोध करने के बाद मांग की गई थी। उन्होंने उसके आवेदन को मंजूर करने के लिए पैसे की मांग की। बाद में बातचीत के बाद राशि को घटाकर 12,000 रुपये कर दिया गया।

सीबीआई ने दोनों आरोपियों पर जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उन्हें पकड़ लिया। बाद में अधिकारियों ने आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ली।

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