महाराष्ट्र में सत्ता पर सस्पेंस के बीच गडकरी के सीएम बनने की चर्चा तेज

गडकरी के नाम पर नरम पड़ सकती है शिवसेना

– प्रवीण आत्रे

नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार के गठन की डेडलाइन में सिर्फ 72 घंटे शेष हैं, लेकिन सत्ता पर सस्पेंस बरकरार है। एक ओर शिवसेना जहां अपना सीएम बनाने पर अड़ी है और कह रही है कि 50-50 से कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं है। वहीं, भाजपा भी अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं है। भाजपा पर दबाव बनाने के मकसद से शिवसेना आक्रामक रुख अपनाए हुए है। उसने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात के बाद संघ प्रमुख से मोहन भागवत से इस मामले में दखल देने की मांग की है। इस बीच, कांग्रेस के रणनीतिकार अहमद पटेल की भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के नए मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि गडकरी के सीएम बनाने पर शिवसेना भी नरम रुख अपनाने को तैयार हो सकती है।

महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम 24 अक्टूबर को आ गया था। उसमें भाजपा को सबसे अधिक 105 सीटें मिली थी। लेकिन, वह बहुमत से काफी पीछे रह गई थी। एनडीए की सहयोगी शिवसेना 56 सीट लेकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। चुनाव पूर्व गठबंधन होने के कारण सरकार के गठन में कोई बाधा नहीं थी, लेकिन सीएम पद को लेकर दोनों ही दलों के बीच ऐसी ठनी कि परिणाम घोषित होने के 13 दिन बाद भी सरकार का गठन नहीं हो पाया।

शिवसेना का कहना है कि सीएम उसी को होगा। चुनाव पूर्व भाजपा से ढाई-ढाई साल दोनों दलों का मुख्यमत्री होने का समझौता हुआ था। लेकिन, परिणाम आने के बाद भाजपा अपने वादे से मुकर गई। इससे नाराज शिवसेना ने भी तलवारें खींच ली। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने एनसीपी के मुखिया शरद पवार से मुलाकात कर भाजपा पर दबाव बनाने का दांव खेला। मुलाकात के बाद राउत ने दावा किया कि सीएम उसी का होगा, और इससे कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं है।

संजय राउत से मुलाकात के बाद शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर पूरे मसले पर चर्चा की। मुलाकात के बाद कहा गया कि वे शिवसेना को समर्थन देने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए शिवसेना को एनडीए छोड़ना होगा। एनसीपी और कांग्रेस को इस बात का भय सता रहा है कि उनके समर्थन देने के फैसले से भाजपा दबाव में आकर अगर शिवसेना की शर्तें मान ली तो शिवसेना भाजपा की ओर चली जाएगी। कांग्रेस और एनसीपी का मानना है कि उनके नाम पर दबाव बनाकर सरकार बनाने के लिए शिवसेना को ब्लैकमेल करने का अवसर नहीं देना चाहिए।

शिवसेना के संजय राउत की शरद पवार से मुलाकात, शरद पवार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात, देवेंद्र फडणवीस की संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात और शिवसेना की संघ प्रमुख से दखल की मांग के बीच कांग्रेस के रणनीतिकार अहमद पटेल की भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद सियासी हलकों में नये समीकरण बनने की चर्चा गरमा गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा और संघ के बीच भी सीएम के लिए गडकरी के नाम पर गंभीर चर्चा हो रही है। गडकरी महाराष्ट्र के ऐसे नेता हैं, जिनकी सभी दलों में अच्छी पैठ है। उनकी सबसे राम-राम है। माना जा रहा है कि गडकरी के नाम से शिवसेना को भी कोई परहेज नहीं है। ऐसे में नितिन गडकरी को सीएम बनाकर सरकार के गठन का रास्ता निकल सकता है।

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