जिम्स में एचआईवी व एड्स पीडित मरीजों का उपचार जल्द होगा शुरू

अभी तक मरीजों को उपचार के लिए जनपद गाजियाबाद के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे।

नोएडा: जिले में रहने वाले एचआईवी व एड्स पीडि़त मरीजों का उपचार ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में जल्द शुरू हो जाएगा। अभी तक मरीजों को उपचार के लिए जनपद गाजियाबाद के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के निदेशक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में जल्द ही इंटीग्रेटेड काउंसलिंग व जांच केंद्र (आईसीटीसी) और एंटीरेट्रावायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिसका फायदा जिले के एचआईवी व एड्स के मरीज उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक जिले के एचआईवी व एड्स पीडि़त मरीजों को गाजियाबाद जनपद में उपचार कराने के लिए जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इस वर्ष के अंत तक कई गंभीर बीमारियों के इलाज कराने की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसमें एड्स पीडि़त मरीजों की सुविधा प्राथमिकता पर है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को शासकीय बैठक में रखा गया था। जिसे मंजूरी मिलने के बाद दोनों केंद्रों के लिए परिसर में जगह चिन्हित कर ली गई है। आईसीटीसी का कक्ष तैयार हो चुका है। इसके अलावा एआरटी केंद्र भी जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें एचआईवी के लक्षण वाले मरीज जांच और इलाज करा सकेंगे। इसमें एक डॉक्टर, एक काउंसलर, 2 नर्स व फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई जाएगी।
मरीजों को बेहतर एंबुलेंस सुविधा मुहैया कराने के लिए बनाया हेल्पडेस्क 
डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिम्स अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज और तीमारदार अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एंबुलेंस बुक करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें 10 रुपए प्रति किमी की दर से शुल्क चुकाना होगा। उन्होंने बताया कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत अस्पताल को एंबुलेंस मिली है। इससे अस्पताल में मरीजों को लाने वाले जाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने और मरीज व तीमारदारों को भी शुल्क एंबुलेंस सेवा मुहैया कराने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि मरीजों को बेहतर एंबुलेंस सुविधा मुहैया कराने के लिए अस्पताल परिसर में हेल्पडेस्क बनाया गया है

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