अर्थ प्रोजेक्ट का सैकड़ो बायर्स ने बिल्डर के खिलाफ किया प्रदर्शन और सरकार से घर दिलाने की लगाई गुहार

अर्थ प्रोजेक्ट का सैकड़ो बायर्स ने बिल्डर के खिलाफ किया प्रदर्शन और सरकार से घर दिलाने की लगाई गुहार

रिपोर्ट: नितिन चौधरी

उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहा जाने वाला जनपद गौतमबुद्ध नगर के बायर्स की समस्या का मुद्दा दशकों से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। जिसको लेकर आये दिन साइट और जगह जगह बायर्स प्रदर्शन करते है और अपने घर के लिए मांग करते है। इसी कड़ी में आज ग्रेनो के वेस्ट में स्थित अर्थ बिल्डर के सैकड़ो बायर्स ने इखट्टे होकर प्रदर्शन किया और जमकर बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की। बायर्स का कहना कि इस प्रोजेक्ट में ढाई से तीन हजार बायर्स ने फ्लैट 2010 में बुक कराया था। लेकिन 12 साल के बाद भी हमारे घर का कोई अता पता नही है। एनसीएलटी में कोर्ट गया वहाँ से क्लियरफ़िकेशन भी आ गया है। लेकिन ग्रेनो प्राधिकरण इस जमीन को विवादित बता दिया।

बायर्स का कहना है कि अर्थ प्रोजेक्ट में हमने 2010 में अपना फ्लैट बुक कराया था जिसका पजेशन हमे 2 से 3 साल बाद करीब 2012-13 में मिल जाना था लेकिन करीब 3 हजार बायर्स में से किसी एक को अपना घर नहीं मिला है और प्रोजेक्ट की जो स्थिति है वह आप देख ही सकते हैं आज 12 साल पूरे हो जाने के बाद भी पजेशन का कोई अता पता नहीं है इन सभी खरीददारों ने लगभग 100% रुपए जमा कर दिया है।

अब हमारी उम्मीद सिर्फ योगी और मोदी सरकार से ही बची है

अब हमारी उम्मीद सिर्फ योगी और मोदी सरकार से ही बची है वही हमारे इन घरों को दिलवा सकते हैं बायर्स का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी इस घोटाले में मिले हुए हैं वरना अभी तक हमारा घर हमें मिल जाता डबल इंजन की सरकार से हमारी गुजारिश है ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में जो भ्रष्ट अधिकारी बैठे हैं उनके ऊपर कार्यवाही की जाए जल्दी से जल्दी इन लोगों का तबादला किया जाए और उन्हें उनके पद से हटाया जाए।

12 साल पहले हमारे पिता ने इस प्रोजेक्ट में अपना घर बुक कराया था

मनीषा का कहना है कि 12 साल पहले हमारे पिता ने इस प्रोजेक्ट में अपना घर बुक कराया था जिसका पजेशन आज तक नहीं मिला एनसीएलटी में केस गया उसके बाद भी आज तक कुछ नहीं हुआ ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बीच में समस्या क्रिएट कर दी है कि यह लैंड विवादित है आज महिलाओं समेत दर्जनों खरीददार यहां इकट्ठे हुए हैं। कोर्ट जब जवाब मांगता है तो यह लोग जवाब नहीं देते।

25 से 30 लाख रुपए जमा करके भी आज हम किराए के घर में रह रहे

दो तरीके निकल चुकी हैं 25 से 30 लाख रुपए जमा करके भी आज हम किराए के घर में रह रहे हैं और ईएमआई भी जमा कर रहे हैं। जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में घर बुक कराया कुछ बायर्स की तो कोरोनाकाल मे डेथ होगई। हमारी सरकार से दर्खास्त है कि हम सभी नौकरपेशा सीधे-साधे लोग है ईमानदारी से कमाई हुई हमारी गाड़ी कमाई इसमें फंसी हुई है। उसके बावजूद भी हमें इस तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है हम बहुत ज्यादा परेशान हैं जितनी जल्दी हो सके हमारा घर हमें दिखाइए और हमें इस समस्या से निकालिए।

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