इबादत में मददगार बना मोबाइल का हाईटेक दौर

-कोरोना लॉकडाउन में मोबाइल से घर बैठकर लोग कर रहे हैं इबादत   

जौनपुर, (इन्द्रजीत सिंह मौर्य/प्रणय तिवारी)। आधुनिकता के इस हाईटेक दौर में रमजान की इबादत और अन्य प्रक्रिया भी हाईटेक हो चुकी है। कुरान की आयत से जुड़े एप कोरोना लॉकडाउन -कर्फ्यू के दौर में युवाओं के लिये खासे मददगार साबित हो रहे हैं। एप डाउनलोड कर वे न सिर्फ तिलावत कर पा रहे हैं, बल्कि अजान और इफ्तारी का वक्त जानने में भी उन्हें खासी आसानी हो रही है।  

गौरतलब है कि काम-धंधा और रोजगार कारोबार बंद होने के चलते 35 घंटे के कर्फ्यू के खौफ से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं । इससे रोजेदारों को समय पर इबादतगाहों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोग, खासकर युवा गूगल से कुरान का एप डाउनलोड कर रहे हैं। वे जहां रहते हैं, वहीं कुरान की तिलावत करते हैं। मस्जिदों से अगर अजान नहीं सुनाई पड़ा तो एप से ही उनको अजान एवं रोजा का वक्त पता चल जाता है।
मीरमस्त मोहल्ला निवासी रोजेदार डॉक्टर हसीन बबलू, शकील मंसूरी, आसिफ मंसूरी, बलुआघाट मोहल्ला निवासी इरशाद मंसूरी, कमालुद्दीन अंसारी, सभासद साजिद अलीम रोजाना मोबाइल के जरिए ही तिलावत (पढ़ना) करते हैं। कहते हैं कि घर पर ही समय निकाल कर वजू कर तिलावत शुरू कर देते हैं। खेतासराय क्षेत्र निवासी अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र मोहम्मद यूसुफ रोजा इफ्तार के बाद अपने कमरे में ही जाकर मोबाइल के जरिए कुरान की तिलावत करते हैं ।

 

कारियों की आवाज में मौजूद है कुरान की तिलावत

जौनपुर। कारियों की आवाज सुनकर सुधरता है उच्चारण, क्योंकि दुनिया के मशहूर कारियों की आवाज में कुरान की तिलावत का आडियो भी गूगल व यू-ट्यूब् पर मौजूद है। यह बातें जामिया हुसैनिया, लाल दरवाजा के उस्ताद मौ. वसीम अहमद शेरवानी ने रविवार को कहीं।

उन्होंने कहा कि देश के युवा इस आडियो से कुरान को सुनते हैं। इस ऑडियो के जरिये उन लोगों के आयत के उच्चारण सही हो जाते हैं जिन्हें आयात का उच्चारण करने में दिक्कत होती है।इस संबंध में भारत के कारी मसूद अहमद, कारी अबू शहमा काशमी, मक्का के इमामे काबा शैख अब्दुल रहमान सुदैस, शैख सुरैम, शैख अलगामदी, मिस्र के कारी अब्दुल बासित, अब्दुल समद युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं।

समस्या के समाधान के पाते हैं उपाय

मोबाइल से दुआएं भी हो रही हैं। इस सम्बंध में शाही पुल स्थित शेर मस्जिद के पेश इमाम मौलाना कारी जिया जौनपुरी ने बताया कि यू-ट्यूब पर देश दुनिया के प्रसिद्ध कारी बताते हैं कि किस समस्या के लिए कौन सी दुआ की जाए। बकायदे उस दुआ को हिन्दी में समझाते भी हैं।

दिशा की मिल जाती है जानकारी 

स्मार्ट मोबाइल में मौजूद कम्पास से दिशा भी पता चल जाती है। अगर कोई बाहर गया है और उसको नमाज पढ़नी है तो कम्पास के जरिए पश्चिम दिशा मालूम पड़ जाती है। क्योंकि नमाज पश्चिम दिशा में पढ़ी जाती है। अगर कोई नमाज व तरावीह मस्जिद व इबादतगाहों में पढ़ता है। इसके बाद वह कुरान की तिलावत मोबाइल से करता है तो कोई गुनाह नहीं है। तिलावत उनको बजू करके ही करना होगा।

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