इटावा: आश्रम पद्दति विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र की ट्रेन से कट कर मौत

प्रधानाचार्य और वार्डन पर हत्या का मुकदमा दर्ज

नीलकमल

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सिविल लाइन इलाके में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल में अध्ययनरत कक्षा 11 के एक होनहार छात्र की रेलगाड़ी से कट कर मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस सिलसिले में स्कूल के प्रधानाचार्य निर्मल चंद बाजपेई और बॉर्डन का खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। छात्र के परिजनों के स्कूल के प्रधानाचार्य निर्मल चंद बाजपेई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर से फॉरेंसिक की टीम पूरे घटनास्थल स्कूल और छात्रावास की गहनता से पड़ताल करने में जुटा हुआ है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी छात्र की मौत को लेकर के दिग्गज नेता दिखाई है। राज्य के समाज कल्याण प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार को पूरे मसले की जांच के लिए भेज दिया है जिन्होंने गहनता से स्कूल में जाकर के पड़ताल की है। इटावा के एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया वैसे ही पूरे मामले को लेकर के पीड़ित परिवार के परिजनों की ओर से सिविल लाइन थाने में धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करके पुलिसिया पड़ताल शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी श्रीमती श्रुति सिंह का कहना है कि छात्र की मौत के बाद खुद उन्होंने ओर एसएसपी ने सयुक्त रूप से पड़ताल की है। छात्र की मौत के बाद जो तथ्य सामने आए हैं उस को ध्यान में रखते हुए गहनता से पड़ताल की जा रही है । दोनों अधिकारी पोस्टमार्टम स्थल पर पीड़ित परिवार के सदस्यों से जाकर मिले और उन्हें कार्यवाही के लिए भरोसा दिया है।

मृतक छात्र के ताऊ गुरुप्रसाद का कहना है कि उनके भतीजे के लापता होने के बाद प्रधानाचार्य ने परिजनों को कोई जानकारी भी देना मुनासिब नही समझा इसके बावजूद गॉव वालो की सूचना जब हम लोग स्कूल आये तो प्रधानाचार्य ने हम सभी को मिसगाइड किया । जब छात्र की डेड बॉडी बरामद हो गई उसके बावजूद भी वो लगातार यही कहते रहे कि यह शव उस छात्र का नही है। जब फ़ोटो देखा तो वाकई में वही निकला। उन्होंने सवाल उठाया कि तीसरी मंजिल पर रहने वाला छात्र अगर कूदता तो उसकी जान तो नही जाती लेकिन किसी ने नही देखा ।

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल यादव भी छात्र की मौत पर दुख जताने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर उनके परिजनों से जाकर के मिले। उन्होंने खुला आरोप लगाया कि छात्र की मौत लापरवाही से जुड़ा हुआ मामला है इसलिए लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। छात्र की मौत के बाद जब उसकी बहन मौके पर पहुची तो प्रधानाचार्य ने साफ-साफ इंकार कर दिया यह डेड बॉडी आपके भाई की नहीं है। इस तरह का झूठ बोलना समझ में नहीं आया। स्कूल की टीचर रिचा मृत छात्र को होनहार बताती है।एक अन्य टीचर रजनी कहना हैं कि खुशदिल छात्र था थोड़ा शांत रहता था लेकिन जान देने जैसा कदम नही उठा सकता था टीचर कैंपस से छात्र जाने की वजह नही बता पा रही है।
उसके साथी छात्र भी कुछ भी नही बता पा रहे है।

कक्षा 12 का जिस छात्र अदियंत दीक्षित की मौत रेलगाड़ी से कट कर हुई है । वह  ग्राम बिड़ौरी थाना बिठौली का रहने वाला था। वह आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में पढ़ रहा था।  जिस छात्र की रेल से कटकर मौत हुई है वह स्पोर्ट्समैन तो था ही सुबह ही पूजा पाठ भी करने में आगे रहता था।

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