इटावा: जिला खेल अधिकारी के खिलाफ दो स्कूली छात्राओ ने दर्ज कराया यौन उत्पीडन का मुकदमा

जिला खेल अधिकारी ने उनके प्राइर्वट पार्ट के साथ छेडछाड की है ।

नीलकमल

इटावा:  उत्तर प्रदेश के इटावा में जिला खेल अधिकारी नरेश चंद्र यादव के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाने मे यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है । इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद हडंकप मचा हुआ है ।
इटावा के एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी स्तर से मिले निर्देशो के क्रम मे जिला खेल अधिकारी नरेश चंद्र यादव के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाने मे सिविल लाइन थाने में धारा  354 और पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होने बताया कि यौन उत्पीड़न का मुकदमा 14 और 15 साल की दो स्कूली छात्राओ ने दर्ज कराया है। यौन उत्पीडन की घटना मुख्यालय के महात्मा ज्योतिबा फुले स्पोर्ट्स स्टेडियम के जिमनेजियम हॉल में घटित होना बताया गया है। दर्ज कराये गये मामले के तहत दोनो स्कूली छात्राओ ने इस बात को कहा है कि जिला खेल अधिकारी ने उनके प्राइर्वट पार्ट के साथ छेडछाड की है ।

जिला खेल अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीडन की मुकदमा दर्ज होने को लेकर ऐसा कहा गया है कि पिछले साल दिसंबर माह में हुई घटना की विभिन्न स्तर से जांच के बाद अब मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले की जांच उप निरीक्षक जयप्रकाश को सौंपी गई है।

यौन उत्पीडन का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और मीडिया ने जिला खेल अधिकारी को खोजने को कोशिश की लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद पता चला है कि वो गायब हो गये है। उनके सरकारी विभाग से कोई सही और सटीक जानकारी नही मिल पा रही है लेकिन ऐसा पता चला है कि खेल अधिकारी अवकाश पर थे और वापस लौटने वाले थे लेकिन यौन उत्पीडन का मामला दर्ज होने के बाद खेल अधिकारी लापता हो गये है । नरेश चंद्र यादव ने अपने सभी मोाबाइल फोनो को भी बंद कर लिया है ।
इस गंभीर प्रकरण को लेकर पता चला है कि 16 दिसंबर 21 को हुई घटना के बाद जिला स्तर पर पुलिस की जांच तो चल रही थी।

इसी प्रकरण मे पीडित स्कूली छात्राओ को न्याय दिलाने के लिए तत्कालीन डीएम श्रीमती श्रुति सिंह ने जांच के आदेश दिये गये थे। जिसकी जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद के अलावा जसवंतनगर एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी को एक कमेटी बना कर जिला स्तर पर जांच करने मे जुटे हुए थे जिसके बावजूद इस प्रकरण मे किसी के भी खिलाफ कार्यवाही नही की गई।
लेकिन बाल सरंक्षण विभाग ने इस प्रकरण को लेकर यह सवाल उठाया कि जब जिला खेल अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीडन का आरोप दो स्कूली छात्राओ की ओर से लगाया गया था तो फिर शुरूआती तौर पर यौन उत्पीडन का मामला क्यो दर्ज नही कराया गया जब बाल संरक्षण विभाग की ओर से मामला दर्ज कराये जाने के निर्देश दिये गये तो तत्कालिक प्रभाव से मामला दर्ज कर लिया गया है
यौन उत्पीडन के मामले जांच गहनता से करने के लिए सिविल लाइन थाने मे तैनात सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह को जांच सौंपी गई है ।

जिला खेल कार्यालय के सूत्रो के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि जिला खेल अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीडन का मामला दर्ज होने के बाद शासन स्तर से सख्त कार्यवाही की जा सकती है।

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