जासूसी कांड: याचिकाकर्ताओं से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जासूसी का सबूत, 10 अगस्त को अगली सुनवाई

याचिकाकर्ताओं के वकील से कोर्ट ने ये भी पूछा कि क्या आपके पास जासूसी का कोई सबूत है?

सुप्रीम कोर्ट ने आज पेगासस जासूसी मामले पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें चीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस सूर्य कांत की बेंच ने सुनी और 10 अगस्त अगली तारीख तय कर दी. कोर्ट ने इस दौरान कहा कि खबरें अगर सही हैं तो आरोप बेहद गंभीर हैं. याचिकाकर्ताओं के वकील से कोर्ट ने ये भी पूछा कि क्या आपके पास जासूसी का कोई सबूत है? वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इसपर मना कर दिया.

चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि अखबार की कतरन के अलावा आपकी याचिका में क्या है? हम क्यों इसे सुनें? याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने इस पर कहा, ‘ टेक्नोलॉजी के जरिए यह निजता पर हमला है. सिर्फ एक फोन की जरूरत है और हमारी एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है. राष्ट्रीय इंटरनेट सुरक्षा का भी यह सवाल है.’

चीफ जस्टिस ने सभी दलीलें सुनने के बाद कहा कि अपनी याचिका की एक कॉपी सभी याचिकाकर्ता सरकार को भेज दें. पहले सरकार की तरफ से किसी को पेश होने दीजिए. फिर हम नोटिस जारी करने पर विचार करेंगे. मंगलवार, 10 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी.

 

Comments are closed.