कमल उपवन को धार्मिक पर्यटन स्थल के तौर पर किया जाएगा विकसित

-कमल उपवन व सरोवर की खुदाई कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे जिला विकास अधिकारी एवं उपायुक्त मनरेगा

सुलतानपुर। ग्राम पंचायत सुखौलीकलां, विकास खण्ड लम्भुआ में कमल उपवन एवं सरोवर के खुदाई के कार्यों का संयुक्त निरीक्षण करने के लिए जिला विकास अधिकारी डाॅ. डी.आर. विश्वकर्मा एवं उपायुक्त मनरेगा विनय कुमार गुरुवार को मौके पर पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी एवं डीसी मनरेगा ने पाया कि यह तालाब लगभग 3.0 हेक्टेयर में फैला है, जिसका गाटा संख्या 111 व 112 है। इस सरोवर को इस जिले के स्वप्निल प्रोजेक्ट के रूप में मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स के कुशल निर्देश में लाया गया है। यह ग्राम पंचायत लम्भुआ विकास खण्ड में स्थित है, जो धोपाप धार्मिक स्थल के 1.5 किमी. की दूरी पर है। इसे भगवान राम से जोड़कर देखा जाता है।

लोगों का मानना है कि जब भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या लौट रहे थे, तो उन्होंने पापनिवृत्ति के लिए पवित्र नदी आदि गंगा गोमती में इसी स्थान पर स्नान किया था। भविष्य में यह उपवन एवं सरोवर विकास खण्ड लम्भुआ के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का जिला प्रशासन की मंशा है।

 

इस क्षेत्र के विकास के लिए गुरुवार को कुल 09 ग्राम पंचायतों मकसूदन, शाहगढ़, जमखुरी, सुखौलीकलां, लोटिया, बेलाही, सबसुखपुर, नरेन्द्रापुर, बहमरपुर के 300 श्रमिक काम पर लगाये गये हैं। मौके पर 05 तकनीकी सहायकों एवं 05 रोजगार सेवकों को कार्य की देख-रेख के लिए भी लगाया गया है।

वहीं, तकनीकी सहायकों एवं रोजगार सेवकों को गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के लिए भी निर्देश दिया गया है। सरोवर के मध्य 11000 बोल्ट की लाइन के खंभों को हटाने के लिए जिला विकास अधिकारी डाॅ. विश्वकर्मा ने अधिशाषी अभियन्ता विद्युत लम्भुआ के मोबाइल पर वार्ताकर कार्यवाही के निर्देश दिये।

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