बजट 2021-22 विषय पर KNIPSS में किया गया संगोष्ठी का आयोजन

-अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में शिक्षकों समेत छात्र- छात्राओं ने लिया भाग

सुल्तानपुर। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान, सुलतानपुर में बुधवार को अर्थशास्त्र विभाग द्वारा बजट 2021-22 विषय पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के विषय का प्रवर्तन विभाग के असिस्टेन्ट प्रोफेसर अनिल कुमार ने किया। उन्होने बजट के परिचय में बोलते हुए कई परम्पराओं पर प्रकाश डाला जो अंग्रेजों के समय से चलती आ रही थी जो अब धीरे-धीरे भारत की संस्कृति के अनुसार परिवर्तित हो रहीं है।

संगोष्ठी में बोलते हुए विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुरेश कुमार ने बजट 2021-22 में मौद्रिकरण के प्रयासों पर प्रकाश डाला। श्री सुरेश कुमार में इसे भविष्य में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए सहायक माना। बजट में स्वास्थ्य मदों में किये गये व्यय पर अपना विचार रखते विभागाध्यक्षा डाॅ. किरन सिहं ने भारत सरकार के कोराना एवं अन्य चिकित्सीय चुनौतियों से तैयारी की दिशा में एक पहल माना। डाॅ. सिंह ने बजट 2021-22 को बदले परिस्थितियों में भारत की नयी रणनीति का बजट बताया।

संगोष्ठी में मुख्य उद्बोधक के रूप विभाग के ही डाॅ. अवधेश कुमार दूबे ने अपना मत रखा। डाॅ. दूबे ने बजट को लेकर उठ रहीं भ्रान्तिया, निजीकरण का बजट, निजी कम्पनियों के लिए बजट, बजट छूट न होने के कारण, कृषि इकाईयों की अवहेलना इत्यादि विन्दुओं को स्पष्ट किया तथा बजट के लिए वर्तमान परिस्थिति एवं चुनौतियों के साथ जोड़ने हुए उपयुक्त माना। संगोष्ठी में अपना विचार रखते हुए विभाग के डाॅ. प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बजट के कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपने विचार रखे। बजट में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया तथा 14 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार रखे।

अपने व्याख्यान के दौरान छात्र वात्सल्य ने बजट को पारिवारिक चुनौतियों से जोड़ते हुए चुनौतियों से सम्बन्धित प्रश्नों के दिशा में मंच का ध्यान भी आकर्षित किया। छात्रा तस्मिया ने बजट के ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में अंशु, अनामिका तिवारी, भव्या सिंह, सोनाली, आदित्य, जया, श्रुति कसंधन, आकांक्षा, प्रीती, कमल कान्त एवं सुधा आदि ने भी अपने विचार रखें। संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं के बजट सम्बन्धित प्रश्नो का भी समाधान किया गया।

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