लखीमपुर खीरी कांड: सरकार की कार्यवाही से खुश नहीं है किसान, देशव्यापी रेल रोकने का प्रबंध शुरू

बहरी और अंधी हो गई योगी सरकार मुजरिम है फरार

लखीमपुर खेरी कांड के बाद इंसाफ ना मिलने से पूरे भारत में रेल रोकने को किसान हो रहे हैं तैयार

लखीमपुर खेरी कांड में जिस तरह से सरकार सुस्ता सुस्ता कर कार्यवाही कर रही है इससे साफ पता चलता है कि वह मामले को रफा-दफा करना चाहती है और आरोपी अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को नहीं पकड़ना चाहती। कछुए की स्पीड से चल रही कार्रवाई से किसान मोर्चा बहुत ही नाराज नजर आ रहा है। जहां एक तरफ छोटी सी घटना होने पर विपक्षी नेताओं को बिना वारंट गिरफ्तार कर लिया जाता है वहीं दूसरी तरफ अपने ही नेता के बेटे को गिरफ्तार करने में योगी सरकार के हाथ काँप रहे हैं पहले नोटिस भेजा जा रहा है बाद में उनके आगमन में आंखें बिछाए पुलिस बैठी हुई है जैसे मानो आरोपी खुद चलकर रेड कारपेट पर आएगा और कहेगा लीजिए मुझे गिरफ्तार कर लीजिए।

जहां लखीमपुर खेरी कांड में अब तक किसी  की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ सरकार पर दबाव बनाने के लिए सभी किसान एकजुट होकर 18 अक्टूबर को देशव्यापी रेल यात्रा को रोकने का प्रबंध कर रहे हैं। ताकि इस मतलबी सरकार के कानों पर कोई जू रेंज जाये। किसानों ने फैसला किया है कि वह 12 अक्टूबर को हर साल शहीद किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा 18 अक्टूबर को देशव्यापी रेल रोको आंदोलन की तैयारी कर रहा है. 12 अक्टूबर को तिकुनिया गांव में अरदास का कार्यक्रम है और यहां आगे की रणनीति तय की जाएगी. एसकेएम तीन अक्टूबर को हुई लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को हटाए जाने और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है.

SKM का कहना है कि सुमित जयसवाल और अंकित दास जैसे लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जाना चाहिए था लेकिन यूपी सरकार द्वारा अबतक यह नहीं किया गया है. बयान में कहा गया कि 12 अक्टूबर को शहीद किसान दिवस मनाया जाएगा।

जिस बेरहमी से आशीष मिश्रा और उनके लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पीछे से गाड़ी चढ़ाया था उससे पता चलता है कि उनके मन में किसानों के प्रति कितनी घिर्णभावना है। वह 28 सेकंड का वीडियो देखकर देश कया दुनिया का कोई भी इंसान काँप  जाए। किसानों को उस दिन इस तरह कुचला गया जैसे वें कीड़े मकोड़े हैं। और सबसे ज्यादा तारीफ तो योगी सरकार की बनती है जिसने अभी तक अपने हाथ पर हाथ रखकर सारा तमाशा देखा है।

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