लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता

-कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ की बैठक में लखीमपुर की घटना पर निंदा प्रस्ताव पारित कर जताई आपत्ति

जौनपुर, (प्रणय तिवारी)। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में सोमवार को कलेक्ट्रेट के अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में विरोध स्वरूप पूरे दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों ने मामले की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्यायिक जांच की मांग उठाई।

इसके पहले कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति के महामंत्री आनंद कुमार मिश्र की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने बार सभागार में कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक करके घटना की कड़ी निंदा की। इस मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए महामंत्री आनंद मिश्र ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना बेहद ही निंदनीय और इसे लोकतंत्र की सीधे तौर पर हत्या बताया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना लोकतंत्र में नहीं होना चाहिए। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बार परिसर में प्रदेश सरकार की व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आपत्ति जताई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग किया।

बैठक में मृतक किसानों व अन्य के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त किया गया। इस मौके पर उपस्थित पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, जगत नारायण तिवारी, कपिल देव सिंह, पलटू राम, रामाश्रय यादव, जमीदार सिंह, बृजेश यादव, सूबेदार यादव, रामचंद्र पाठक, हर्ष कुमार पांडेय, कन्हैया लाल श्रीवास्तव,ओम प्रकाश मिश्र, संजय निषाद, बीएल नागर सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
बैठक का संचालन महामंत्री आनंद कुमार मिश्र ने किया।

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