महिलाओं व बच्चों को पोषण के बाबत दिए जाने वाले राशन में घोटाला, जांच के आदेश जारी : राजेंद्र पाल गौतम

- मंत्री ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का ऑडिट कराने और दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने का आदेश दिया

नई दिल्ली, 10 जून (TSN)। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के बाबत दिल्ली सरकार की ओर से दिए जाने वाले राशन की औचक जांच के दौरान भारी घपला होने की जानकारी सामने आई है। दरअसल, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को नंद नगरी, सुंदर नगरी और सीमापुरी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर खुद निरीक्षण किया। उनके साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक भी मौजूद थे।
आईसीडीएस के तहत आने वाले लाभार्थियों के घर जाकर निरीक्षण करने के दौरान पता चला कि 13 दिनों में केवल 120 ग्राम दलिया, 50 ग्राम भुना हुआ चना बच्चों को प्रदान किया गया था। कई जगहों पर, यह भी पता चला कि केवल 15 प्रतिशत राशन ही वितरित किया गया है और बाकी 85 प्रतिशत राशन नहीं दिया गया। यह राशन (टेक होम राशन) आंगनवाड़ी वर्कर्स द्वारा वितरित किया जाता है।
इस योजना के मुताबिक बच्चों को 1300 ग्राम दलिया,  260 ग्राम काले चने (कच्चे), 130 ग्राम गुड़ और 130 ग्राम भुने काले चने की मात्रा मिलनी चाहिए, जो 13 दिनों के लिए निर्धारित है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को 1690 ग्राम दलिया, 260 ग्राम काले चने (कच्चे), 130 ग्राम गुड़ और 130 ग्राम भुने काले चने का वितरण किया जाना चाहिए।
मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि आईसीडीएस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों तक राशन नहीं पहुंचने के बारे में हमें कई विधान सभाओं से शिकायतें मिली थीं। हमने औचक निरीक्षण करने का फैसला किया जिसमें यह पाया गया कि मुश्किल से 15 प्रतिशत राशन वितरित किया जा रहा है। लिहाजा, सभी क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों के ऑडिट और निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह बेहद ही हैरान करने वाली बात है कि कुछ लाभार्थियों को केवल 50 ग्राम चना ही प्राप्त हुआ, जबकि आईसीडीएस के तहत निर्धारित मात्रा 260 ग्राम है। इस संबंध में महिला एंव बाल विकास विभाग के निदेशक को सभी आगनवाड़ी केंद्रों के ऑडिट करने और दोषियों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है और जब तक रिपोर्ट न आ जाए, तब तक सभी भुगतान रोक दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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