मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति मनोविज्ञान विभाग से किसी भी समय ले सकते हैं परामर्श

पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम

जौनपुर, (देवेंद्र सिंह यादव)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में व्यावहारिक मनोविज्ञान द्वारा कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य के निर्देशन में रविवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन कौशल विकास केंद्र में किया गया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह ने मनोविज्ञान के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है। उनको परिवार एवं समाज के सहयोग की आवश्यकता होती है उनकी इस बीमारियों को अन्य बीमारियों की तरह ही देखना चाहिए। बहुत से मानसिक बीमारियों का इलाज घर पर अपने साथ रहकर करा जा सकता है। कुछ मानसिक बीमारियों अस्पताल में रहकर ही इलाज कराने की आवश्यकता होती है।  60 से 70% लोग लोगों में किसी ना किसी प्रकार की असमान्यता पाई जाती है।

कार्यक्रम के आयोजक सचिव डॉ जहान्वी श्रीवास्तव ने मानसिक रूप से ग्रसित लोगों को भूत प्रेत को भ्रम बताते हुए कहा यह केवल एक मनोभ्रम है , इसका कोई अस्तित्व ही नहीं है और कहां मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग से किसी भी समय परामर्श ले सकते हैं । उनके लिए विश्वविद्यालय जितनी संभव हो सकेगा मदद करेगा डॉक्टरों से मुलाकात करवाएगा और दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।  कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ अनु त्यागी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक बीमारियां भी सामान बीमारियों की तरह ही हैं। इनका उपचार पूरी तरह से संभव है।

कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन फार्मेसी विभाग के प्रवक्ता डॉ. विनय वर्मा ने किया l कार्यक्रम में गाय के गोबर से निर्मित वस्तुओं के प्रशिक्षिका रीता तिवारी बी.सी.ए. विभाग के प्रवक्ता डॉक्टर रेखा पाल, डॉक्टर सोनम झाँ , डॉक्टर पूनम वर्मा , ग्रामीण महिलाओं के साथ-साथ मनोविज्ञान की छात्र छात्र-छात्राएं आशीष मिश्रा ,अनुपम तिवारी, सरिता ,प्रियंका ,उग्रसेन यादव तथा वीर सिंह पटेल उपस्थित रहे।

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