हाईकमान से नाराज कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका का पार्टी को बॉय-बॉय

मथुरा में बेईज्जती पर कार्रवाई न होने से नाराज प्रियंका बनेंगी शिवसेना का हिस्सा

नई दिल्ली। देश में चुनाव आते ही एक ओर जहां जाति धर्म के पौधे कुकुरमुत्ते की तरह उग आते हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं का पाला बदलने का भी सिलसिला चल पड़ता है। नया मामला अखिल भारतीय कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी का है। उन्होंने लोकसभा चुनाव के बीच में ही पार्टी छोड़ने का फैसला कर राहुल गांधी के सरकार बनाने के मंसूबे को करारा झटका दिया है। उन्होंने अपने फैसले के बाबत दो पेज का इस्तीफा पत्र कांग्रेस प्रमुख को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि प्रियंका भाजपा की सहयोगी दल शिवसेना का हिस्सा बनेंगी।

कांग्रेस की पूर्व प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट में लिखा है कि पिछले तीन दिनों में देशभर से मुझे जो प्यार और समर्थन मिला है, उससे मैं अभिभूत और आभारी हूं। मैं अपने आप को धन्य मानती हूं कि मुझे इतना समर्थन मिला। इस यात्रा का हिस्सा बनने वाले सभी लोगों को धन्यवाद। राहुल गांधी को भेजे पत्र में प्रियंका ने लिखा है कि बड़े ही दुख के साथ मैं पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रही हूं। गौरतलब है कि प्रियंका ने अपने ट्वीटर अकाउंट से पार्टी का नाम भी हटा दिया है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मथुरा में राफेल डील को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं ने प्रियंका से अभद्र व अमर्यादित व्यवहार किया था। प्रियंका ने इसकी शिकायत कांग्रेस के अनुशासन कमेटी से की थी। शिकायत का संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दोषी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की। हालांकि बाद में पार्टी ने दोषी कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को निरस्त कर दिया। उसके बाद से ही प्रियंका पार्टी से नाराज हैं। उन्होंने पार्टी के इस कदम के खिलाफ ट्वीटर पर भी निराशा जताई थी।

कांग्रेस की पूर्व नेता ने ट्वीट किया कि ‘बड़े ही दुख की बात है कि पार्टी मारपीट करने वाले बदमाशों को अधिक वरीयता देती है, बजाय जो खून पसीना बहाकर काम करते हैं। पार्टी के लिए मैंने अभद्र भाषा से लेकर हाथापाई तक झेली, लेकिन फिर भी जिन लोगों ने मुझे पार्टी के अंदर धमकी दी, उनके साथ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

Leave A Reply