मुंबई सीरियल ब्लास्ट का दोषी अबू सलेम 2030 में हो सकता रिहा, 700 लोगों की मौत का है आरोप

-अंडरवर्ल्ड डान अबू सलेम की सजा को लेकर दायर याचिका पर केंद्रीय गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब

नई दिल्ली। मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी अंडरवर्ल्ड डान अबू सलेम की सजा को लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दे दिया। दरअसल, अबू सलेम की ओर से अपनी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है जिसके जबाब में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने कोर्ट को बताया है कि केंद्र सरकार तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा पुर्तगाल सरकार को दिए गए आश्वासन को मानने के लिए बाध्य है कि अबू सलेम को अधिकतम सजा 25 साल से ज्यादा नहीं होगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम को 25 वर्ष से ज्यादा कैद की सजा नहीं दिए जाने की दलील पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। सलेम ने पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के समय भारत सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को आधार बनाया है। इसके जवाब में दायर एक हलफनामे में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि अबू सलेम की 25 साल की सजा की अवधि 10 नवंबर 2030 को समाप्त होगी। गृह सचिव ने कहा कि नियमों का पालन न करने के बारे में अबू सलेम का तर्क समय से पहले और काल्पनिक अनुमानों पर आधारित है।

न्यायपालिका आपराधिक मामलों में निर्णय लेने में स्वतंत्र

केंद्र ने हलफनामे में यह भी कहा कि न्यायपालिका आपराधिक मामलों सहित सभी मामलों में लागू कानूनों के अनुसार निर्णय लेने में स्वतंत्र है और किसी भी तरह से कार्यपालिका द्वारा लिए गए किसी भी फैसले से बाध्य नहीं है।

अब 21 अप्रैल को होगी मामले की सुनवाई

मामले में सुनवाई 21 अप्रैल को होगी। ये मामला जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। अदालत ने इससे पहले केंद्र से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था।

बीती दो फरवरी को हुई थी सुनवाई

गौरतलब है कि दो फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से अबू सलेम की तरफ से दायर याचिका पर जवाब मांगा था। 1993 बम सीरियल बम धमाका मामले में सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सलेम ने अपनी याचिका में कहा था कि भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण संधि की शर्तों के अनुसार, उसे 25 साल से ज्यादा लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता।

2005 में पुर्तगाल से लाया गया था भारत

अबू सलेम को 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया था। इस मामले में सलेम ने हिरासत की अवधि को याचिका में आधार बनाया है। सलेम का कहना है कि उसकी कैद को 2002 से गिना जाना चाहिए ना कि 2005 से। सलेम को मुंबई के बिल्डर प्रदीप जैन हत्याकांड में उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

बम धमाकों में हुई थी 250 से ज्यादा लोगों की मौत

गौरतलब है कि मुंबई में 1993 में सिलसिलेवार 12 बम धमाके हुए थे, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे।

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