अखिलेश यादव ने जसवन्तनगर में उपचुनाव के दिए संकेत

मुस्कराते हुए धर्मेंद्र के पिता अभयराम को प्रत्याशी बनाने की कही बात 

इटावा। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चाचा अभयराम यादव को जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाने के संकेत दिये हैं।

अखिलेश यादव ने सैफई स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। तभी उनके चाचा वहां पहुंचे। अखिलेश ने उनका चरण स्पर्श किया और बगल की कुर्सी पर बिठाया। उन्होंने अपने चाचा से कहा, जसवंतनगर विधानसभा से अगला चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहिए। यह बात सुनकर अभयराम और कार्यकर्ता हंस दिये।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर चुके शिवपाल सिंह यादव अब भी समाजवादी पार्टी से ही विधायक हैं, लेकिन इसके बावजूद जसवंतनगर विधानसभा में उपचुनाव की चर्चाएं बड़ी तेजी से चल निकली हैं। इन चर्चाओं को बल तब मिला, जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने सैफई स्थित आवास पर कन्नौज जाने से पहले कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। इसी दरम्यान अखिलेश यादव के चाचा और बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव के पिता अभयराम यादव आ पहुंचे। अखिलेश यादव ने उनका चरण स्पर्श करके स्वागत किया और अपने पास पड़ी कुर्सी पर बैठने का इशारा किया। उनके बैठते ही अखिलेश यादव बोले कि जसवंतनगर विधानसभा से अगला चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहिए। भतीजे अखिलेश की ओर से आए इस आॅफर को सुनकर के अभयराम यादव ना केवल हंसे, बल्कि वहां उपस्थित तमाम कार्यकर्ता भी खिलखिला कर के हंसने लगे। लेकिन, कोई यह नहीं समझ पा रहा था कि अखिलेश यादव ने ये बात मजाक में कही या फिर हकीकत में।

काफी देर तक अखिलेश यादव और अभयराम एक साथ बैठे रहे। जब अभयराम वहां से चलने को हुए तो फिर अखिलेश यादव ने जसवंत नगर विधानसभा से उनकी उम्मीदवारी पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब पूरी तरीके से तैयार रहिए। पीछे हटने की बात नहीं करना। इस पर अभयराम वहां से यह कह कर चले गए कि ठीक है। जैसा निर्णय होगा, वैसा ही करेंगे।

बताते चलें कि अभयराम यादव की अपने भाई शिवपाल सिंह यादव से काफी करीबी है। वह समय-समय पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की होने वाली सभाओं में भी हिस्सेदारी करते रहे हैं। शायद इसी वजह से अखिलेश यादव की तरफ से इस तरीके का तंज अभयराम यादव को देखकर किया गया हो, लेकिन अगर हकीकत में अभयराम यादव को समाजवादी पार्टी जसवंतनगर विधानसभा के उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाती है तो फिर इसको एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की तहर ही देखा जाएगा।

Leave A Reply