नमामि गंगे परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप पर बारिश ने लगाई मोहर

-मानक के विपरीत बनी दिवार, मौसम की पहली बरसात होते ही गिरी

जौनपुर। जनपद की महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने व अमृत योजना के तहत शहर में पाइप लाइन बिछाने के कार्यों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप मौसम की पहली बारिश ने रविवार को सच साबित कर दिए। दरअसल, पचहटिया में 206 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बाहरी दिवार मौसम की पहली बारिश में रविवार को ढह गयी। दिवार गिरते ही इस योजना में करोड़ो रूपये के भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाने वाले समाजसेवी इसे अपने आरोपों का पुख्ता प्रमाण बता रहे हैं।

मालूम हो कि नगर में अमृत योजना के तहत पिछले एक वर्ष से अधिक समय से पाइप लाइन बिछाया जा रहा है तथा नामामि गंगे योजना के तहत पचहटिया में 206 करोड़ रूपये की लागत से 30 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसपीएमएल और पीपीएल कार्यदायी संस्था द्वारा स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इस सरकार की इस मत्वाकांक्षी योजना पर शुरू से ही भ्रष्टाचार का ग्रहण लग गया। भाजपा नेता व युवा समाज सेवी गौतम गुप्ता समय समय पर इसकी लिखित शिकायत शासन प्रशासन से करने के बाद मीडिया के माध्यम से भ्रष्टाचार को उजागर करते रहते है।

गौतम गुप्ता द्वारा बराबर लगाये जा रहे आरोपो की एक झलक बारिश के कारण दिख गयी। पचहटिया में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बाहर दिवार का एक हिस्सा ढह गया। इस मामले पर सम्बधित अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन सम्पर्क नही हो सका। उधर, भाजपा नेता गौतम गुप्ता ने कहा कि मै तो शुरू से ही कह रहा हूं कि इस परियोजना में अधिकारयों व कार्यदायी संस्था से मिली भगत से करोड़ो रूप का गेम हुआ है। मानक का ताख पर रखकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है जिसका परिणाम आज जनता के सामने आ गया है।

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