नए शैक्षणिक सत्र के लिए शासन से नहीं आई परिषदीय विद्यालय की किताबें

विधानसभा चुनाव के चलते पाठ्य पुस्तकों का अभी तक नहीं दिया जा सका ऑर्डर

इन्द्रजीत सिंह मौर्य

जौनपुर: इस वर्ष के नए शैक्षणिक सत्र के लिए शासन स्तर से अभी तक जिले के परिषदीय विद्यालयों के लिए पाठ्य पुस्तके अभी तक नहीं आ सकीं। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बिना किताबों के ही पढ़ाई की शुरुआत करनी होगी।
वजह विधानसभा चुनाव के चलते अभी तक किताबें खरीदने के लिए आदेश जारी नहीं किया गया है। विभाग के उच्चाधिकारी पुरातन छात्रों से किताबें मांगकर बच्चों में बांटने का आदेश दिया है।

जनपद के परिषदीय विद्यालयों के अतिरिक्त राजकीय, वित्तपोषित माध्यमिक, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक बच्चों को मुफ्त किताबें दी जाती हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत यह व्यवस्था पिछले कई सालों से चल रही है। इसके बाद भी नए शिक्षण सत्र में समय से किताबें बच्चों को नहीं मिल पाती हैं। इस वर्ष पांच लाख पांच हजार छात्र-छात्राओं की सूची पुस्तक वितरित करने के लिए शासन को भेजी गई है। विधानसभा चुनाव के कारण शासन स्तर पर क्रय आदेश नहीं जारी किया गया है। क्रय की प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रकाशकों के आपूर्ति करने में छह माह बीत जाएंगे। ऐसे में बिना किताबों के छात्रों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो जाएगा। शिक्षा निदेशक बेसिक डाक्टर सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने 16 मार्च को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर आदेश दिया है कि एक अप्रैल से प्रारंभ हो रहे नए शिक्षण सत्र में पाठ्य पुस्तकों के वितरण की अंतरिम व्यवस्था कर लें। किताबों के प्रकाशन में हो रहे विलंब को देखते हुए पूर्व में छात्रों को वितरित की गई किताबें वापस लेकर नए छात्रों को वितरित कर दी जाय।

 

 

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