नीले- बैंगनी आलू उत्पादन से भरेगी किसानों की झोली, सेवन से सुधरेगी सेहत

- बुलंदशहर के प्रगतिशील किसान उपदेश उज्जवल ने अपने खेत में पैदा किए नीले रंग के आलू, केंद्रीय आलू अनुसंधान मेरठ में तैयार किया गया नीले आलू का बीज

बुलंदशहर (अवनीश त्यागी)। सब्जियों का बादशाह कहे जाने वाला आलू अब औषधीय गुणों से भी भरपूर हो गया है। खास किस्म के उत्पादित किये जा रहे रंगीन आलुओं से किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ वह आर्थिक रूप से संपन्न बनेंगे।जहांगीराबाद ब्लॉक के गांव खदाना में उत्पादित हो रहे नीले और बैंगनी रंग के आलूओं में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटो साइरिंग, कैरोनाइड , रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हैं। इसके साथ ही यह आलू शुगर फ्री भी है।

आमजन की पहुंच से दूर ब्लूबेरी जैसे महंगे फलों के कुछ तत्व भी इन रंगीन आलू में बताए जा रहे हैं। 3 वर्ष पहले सन 2018 में केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र मोदीपुरम के वैज्ञानिकों ने आलू की नीलकंठ कुफरी किस्म तैयार की। आलू की इस खास किस्म को पहली बार बुलंदशहर जिले के गांव खदाना में प्रगतिशील किसान उपदेश उज्जवल ने अपने खेत में उत्पादित किया है।

 

किसान उपदेश उज्जवल के खेत में आलू की इस विशेष प्रजाति का भारी उत्पादन हुआ है। आमजन की उत्सुकता बढ़ाने के साथ बाजार में भी इन रंगीन आलू की भारी मांग हो रही है। खाद्य पदार्थ बनाने वाली विदेशी और देश की नामचीन कंपनियों के अधिकारी आलू खरीद का अनुबंध करने के लिए गांव खदाना पहुंच रहे हैं। वही, अग्रणी किसान भी बीज तैयार करने के लिए आलू खरीद रहे हैं। प्रगतिशील किसान उपदेश उज्जवल ने बताया कि उनके गांव और आसपास क्षेत्र में अधिकांश आलू की खेती हो रही है।

 

उपदेश उज्जवल ने बताया कि आलू खरीद का अनुबंध करने के लिए पेप्सीको, हल्दीराम, बिकानों, जोमैटो बीकानेरवाला आदि कंपनियों के अधिकारी उनके गांव पहुंचे हैं। किसानों ने बताया कि कंपनियों द्वारा सीधे खरीद करने से फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि नामचीन कंपनियों को क्षेत्र से लगभग 50 टन से अधिक आलू का अनुबंध हो गया है।

नीले आलू का शोध करने में लगा लंबा समय

केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र मोदीपुरम के संयुक्त निदेशक डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि औषधियों से भरपूर आलू की विशेष प्रजाति नीलकंठ कुफरी नस्ल को तैयार करने में 5 से 6 वर्षों का समय लगा है। संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ एसके लूथरा और उनकी टीम ने कठिन परिश्रम कर बैंगनी और नीले रंग की खास प्रजाति नीलकंठ कुफरी वैरायटी तैयार कर नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस खास प्रजाति को पहली बार बुलंदशहर के प्रगतिशील किसान उपदेश उज्जवल ने अपने खेतों में उगाया है |

नीले रंग के आलू में खास तत्व है मौजूद

सीपीआरआई मेरठ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ सतीश कुमार लूथरा ने बताया कि 2018 में आलू की तैयार हुई विशेष प्रजाति नीलकंठ कुफरी किस्म में अनेकों खास तत्व मौजूद हैं। नीले रंग के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटो राइजिंग, कैरोनाइड जैसे तत्व भारी मात्रा में मौजूद है |

उद्यान विभाग भी तैयार करेगा नीले रंग के आलू का बीज

जिला उद्यान अधिकारी एमके सानिया ने बताया कि जिले के किसानों को अच्छी किस्म के बीज मुहैया कराने के लिए विभाग के राजकीय प्रक्षेत्र फार्मों पर आलू के नीले और लाल रंग के बीज तैयार कराए जाने का प्रयास किया जाएगा है |

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