निगमायुक्त भाजपा के दबाव में नहीं दे रहे रानी झांसी फ्लाईओवर की रिपोर्ट

- भाजपा के नेताओं को बचाने के लिए निगम दोषियों को नहीं कर रहा चिन्हित : सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली। रानी झांसी फ्लाईओवर भ्रष्टाचार पर भाजपा ने अभी तक हमारे पांचों सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है। भाजपा ने 175 करोड़ के फ्लाईओवर में 724 करोड रुपए लगाकर पूरे 546 करोड़ का घोटाला किया है। यह आरोप आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को लगाए।

उन्होने कहा कि वर्ष 2018 में जब इस मामले की ऑडिट रिपोर्ट को स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा गया तो उस वक्त नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर को कहा गया था कि आप इसके ऊपर रिपोर्ट दें, इस पर क्या कार्रवाई की गई है? किस अधिकारी को लेकर क्या कदम उठाया गया? भ्रष्टाचार के मामले में क्या मुकदमा दर्ज किया गया? अब जबकि मार्च 2021 आ गया है। नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर ने तब भी इस पर कोई रिपोर्ट नहीं दी है। सौरभ भारद्वाज ने मांग करते हुए कहा कि नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट निकालें और बताएं कि इस भ्रष्टाचार के लिए कौन-कौन से अफसर और भाजपा के नेता ज़िम्मेदार हैं?

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, जब मैं और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक पिछले 3 महीनों से भाजपा की एमसीडी में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में प्रेस वार्ता कर रहे थे, तो कई बार मन में ख्याल आता था कि हम रोज भाजपा का एक नया भ्रष्टाचार बताते हैं लेकिन भाजपा वालों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, उन्होंने जवाब देना तक बंद कर रखा है, तो कहीं ऐसा तो नहीं है कि पब्लिक को भी इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। मगर बीते उपचुनाव में दिल्ली की जनता ने भाजपा को 5 सीटों में शून्य सीटें दी। उन्हें एक भी सीट नहीं मिली, इसलिए मैं दिल्ली की जनता को धन्यवाद और बधाई देना चाहूंगा कि भाजपा के भ्रष्टाचार की जो पोल हम रोज खोल रहे हैं, वह दिल्ली की जनता तक पहुंच रही है।

रानी झांसी फ्लाईओवर का मुद्दा उठाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, आज हम दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी शासित नगर निगम कि जीती जागती लूट का एक उदाहरण आपके सामने पेश करेंगे। रानी झांसी फ्लाईओवर का नक्शा 1995 में पास हुआ और कुछ ही सालों में बन जाना था, लेकिन इस फ्लाईओवर को बनने में पूरे 24 साल लग गए और आखिर में अगस्त 2018 में बनकर तैयार हुआ। इस फ्लाईओवर को 175 करोड़ के बजट में बनाया जाना था और उसका भुगतान 409% तक बढ़ा दिया गया, जिसमें इन्होंने 546 करोड रुपए फालतू लगाकर अंततः इस फ्लाईओवर को 724 करोड़ 22 लाख में तैयार किया।

इस विषय में हमने भाजपा से 5 सवाल किए थे, जो भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदर्श गुप्ता से पूछे गए थे। हमने उनसे पूछा था कि 2 साल में बनने वाला फ्लाईओवर 24 साल में क्यों बना? 175 करोड़ के फ्लाईओवर में 724 करोड रुपए क्यों लगे? चर्च की जमीन, भाजपा ने कहा कि इस जमीन पर चर्च बना है, इसलिए इसका भुगतान भरा गया, तो चर्च की जमीन के लिए किसी अभिषेक गुप्ता नाम के व्यक्ति को 27 करोड़ क्यों दिए गए? मुझे नहीं लगता कि अभिषेक गुप्ता नाम का कोई व्यक्ति चर्च का पादरी हो सकता है। जमीन अधिग्रहण का काम एक सरकारी विभाग का है, उनसे यह काम न कराकर भाजपा के नेताओं ने खुद इंजीनियरों के साथ मिलकर जमीन अधिग्रहण का काम क्यों किया?

एक प्राइवेट जमीन को इन्होंने अपने मुताबिक दाम लगाकर भरा और सबसे बड़ी बात आईएलएफएस नाम की कंपनी को इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 7 करोड़ भुगतान किया गया। मगर, इस विभाग ने आज तक कोई रिपोर्ट जमा नहीं किया है। इसका मतलब है कि उन्हें जो काम दिया गया था, उन्होंने उसे किया ही नहीं। तो हमारे इन 5 सवालों का जवाब आदेश गुप्ता ने अभी तक नहीं दिया है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा, दूसरी बात मैं आप लोगों को बताना चाहूंगा कि यह सारी जानकारी जो मैं आप लोगों को दे रहा हूं, यह हमने नहीं, बल्कि खुद एमसीडी के ऑडिटर ने अपनी 2018 की ऑडिट रिपोर्ट में बताया है। आप पूछेंगे कि इस पर आज चर्चा क्यों जा की जा रही है? 2018 में जब इस ऑडिट रिपोर्ट को स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा गया तो उस वक्त नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर को कहा गया था कि आप इसके ऊपर रिपोर्ट दें कि इस पर क्या कार्रवाई की गई है? किस अधिकारी को लेकर क्या कदम उठाया गया? भ्रष्टाचार के मामले में क्या मुकदमा दर्ज किया गया? मार्च 2021 चल रहा है।

मगर, नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर ने अभी तक इस पर कोई रिपोर्ट नहीं दी है। और हमें यह बताया गया कि कमिश्नर पर दबाव बनाया जाता है, क्योंकि इसमें भाजपा के बड़े नेताओं के नाम आएंगे, इसलिए इसकी रिपोर्ट को दबाया गया है। आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि नॉर्थ एमसीडी के कमिश्नर जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट निकालें और बताएं कि इस भ्रष्टाचार के लिए कौन-कौन से अफसर और भाजपा के नेता ज़िम्मेदार हैं और उन्होंने इन सभी लोगों पर कौन सा मुकदमा चलाने का कदम उठाया है।

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