नोएडा के अस्पतालों में भी कोविड बेड की कमी, मरीज परेशान

-कोरोना संक्रमण में तेजी के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा, कोविड बेड की मांग 2900 से बढ़कर हुई 6000 पार

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर यानि नोएडा में कोरोना महामारी का असर बढ़ता ही जा रहा है जिसके चलते कोरोना संक्रमितों को जनपद के अस्पतालों में इलाज के बाबत बेड तक नही मिल पा रहे हैं। इन दिनों कोरोना मरीजों को बेड मिल रहे हैं। यहां तक कि गंभीर मरीजों को प्राणदायिनी ऑक्सीजन की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।

दरअसल, मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी होने से जहां अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। वहीं, बेड क्षमता पूर्ण हो जाने के कारण अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते सेक्टर 39 स्थित कोविड अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई बुधवार को भी करीब आधे घंटे तक बाधित रही।

जिला सर्विलांस अधिकारी डाॅ. सुनील दोहरे के मुताबिक, जिले के 13 अस्पतालों में कोविड 19 संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इनमें 2900 बेड पर इलाज की सुविधा हैं। इनमें जिम्स में 250, शारदा अस्पताल में 720, जेपी में 200, फोर्टिस 100, नोएडा कोविड अस्पताल में 300, यथार्थ में 500, निम्स में 300, प्रकाश में 100, एसआरएस में 170, जेआर में 60, इंडो गल्फ में 40, जेएस में 50 बेड पर इलाज की सुविधा है। अभी मेट्रो में 100, यथार्थ में 500, जेपी में 200, शर्मा में 100, सूर्या में 200, अरोग्य में 100 नियो में 80 और ईएसआई में 200 बेड बढ़ाने का फैसला जिला प्रशासन ने लिया है। जबकि अभी 6 हजार बेड की आवश्यकता है।

ऑक्सीजन बेड 1491, जरूरत 3 हजार की

वहीं, जिले में 1491 ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता है। जबकि जरूरत 3 हजार से ज्यादा की है। जिले में फिलहाल कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 3800 से अधिक है। जिसके बाद मरीजों को भर्ती करने में दिक्कतें आ रही है। आईसीयू बेड और वंटिलेटर की कमी है। सीएमओ डाॅ. दीपक ओहरी अन्य अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

आपदा में अवसर ढूंढने वालों ने शुरू की ऑक्सीजन की कालाबाजारी

आक्सीजन की आपूर्ति करने वाली दुकानों में सामान्य तौर पर 10 लीटर वाले आक्सीजन सिलेंडर की कीमत शासन की ओर से 257 रुपए निर्धारित की गई है, लेकिन दुकानदार इसे 3 हजार रुपये तक बेच रहे हैं। सिलेंडर लेने के लिए पहुंचने वालों लोगों पहले खाली सिलेंडर लाने को कहा जा रहा है। जिससे जरूरतमंद पहले खाली सिलेंडर ढूंढता है फिर महंगे दाम पर आक्सीजन खरीदता है। जिले में आक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के लिए 4 व्यापारियों को लाइसेंस मिला हुआ है। लेकिन इनमें से दो व्यापारियों ने कोरोना संक्रमण होने से अपनी दुकान बंद कर रखी है।

नोएडा के सेक्टर-8 में 2 तो वहीं कासना व ग्रेटर नोएडा में एक-एक व्यापारी को लाइसेंस प्राप्त है। औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि विभाग का पूरा ध्यान कोविड अस्पतालों में सुचारू रूप से आक्सीजन की आपूर्ति कराना है। खुदरा व्यापारियों के लिए 25.72 रुपये प्रति लीटर पर आक्सीजन बेचने के लिए निर्धारित हैं। अधिक दाम वसूलने वाले व्यापारी पर कार्रवाई की जाएगी।

इसलिए जरूरी है ऑक्सीजन

कोरोना मरीजों के लिए कोविड अस्पतालों में बिस्तरों का टोटा पड़ रहा है। आइसीयू की हालत खचाखच भरे ट्रेन की जनरल बोगी की तरह है। इससे अस्पतालों में आक्सीजन की कमी होने लगी है। वहीं, होम आइसोलेट मरीजों को भी डाक्टर आक्सीजन लेने की सलाह दे रहे है। जिससे आक्सीजन गैस सिलेंडरों का टोटा पड़ गया है, जबकि यह कोरोना मरीज के जीवित रहने का अंतिम भरोसा है। क्योंकि, कोरोना वायरस सीधे फेंफड़ों पर हमला कर उन्हें बेदम कर देता है। परिणामस्वरूप मरीज को सांस लेना दूभर होने लगता है और एक सीमा के बाद सांसों की ये डोर टूट जाती है। ऐसे में अस्पतालों में रोगी को कृत्रिम आक्सीजन देकर जिंदा रखने की हर संभव कोशिश की जाती है।

मांग 60 टन ऑक्सीजन, मिल रही 30 टन

गौतमबुद्ध नगर जिले के बाकी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की सप्लाई की कमी अब महसूस की जाने लगी है। जिले को करीब 60 टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है, जबकि बमुश्किल 30 टन रोजाना मिल रही है। ऐसे में करीब 30 टन ऑक्सीजन की कमी का सामना जिले को करना पड़ रहा है। यही वजह है कि जिले के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले तीन-चार दिनों से बार-बार ऑक्सीजन खत्म होने की खबरें आ रही हैं।

18 कोविड अस्पताल, प्रत्येक मरीज दो घंटे में 60 से ज्यादा सिलेंडर कर रहे खाली

जिले में 18 कोविड अस्पताल हैं. इनमें दो एल-3 और 16 एल-2 श्रेणी के हैं। ऑक्सीजन की खपत तेजी से बढ़ती जा रही है। ऑक्सीजन सपोर्ट वाला संक्रमित मरीज प्रत्येक दो घंटे में 60 से ज्यादा सिलेंडर खाली कर रहा हैगौतमबुद्ध नगर जिले के बाकी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की सप्लाई की कमी अब महसूस की जाने लगी है।

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