ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाले रवि को हरियाणा सरकार देगी 4 करोड़ रुपये, सोनीपत में बनाएगी स्टेडियम

-हालांकि, फाइनल में रवि दहिया गोल्ड मेडल से चूक गए, उन्हें फाइनल मुकाबले में रूसी पहलवान जवुर यूगेव ने शिकस्त दे दी

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पहलवान रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीता है. हालांकि, फाइनल में वह गोल्ड मेडल से चूक गए. फाइनल मुकाबले में रूसी पहलवान जवुर यूगेव ने उन्हें शिकस्त दे दी. टोक्यो ओलंपिक 2020 में सिल्वर मेडल जीतने पर हरियाणा सरकार ने उन्हें पुरस्कार देने का एलान किए. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रवि दहिया को 4 करोड़ रुपये ईनाम के रुप में देने की घोषणा की है. इसके साथ ही, रवि दहिया के सोनीपत स्थित नाहरी गांव में एक इनडोर स्टेडियम बनाने का भी एलान किया.

टोक्यो ओलंपिक 2020 में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहलवान रवि दहिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा, “रवि कुमार दहिया एक शानदार पहलवान हैं. उनकी लड़ाई की भावना और तप उत्कृष्ट है. टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई. भारत को उनकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है.”

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल के लिए भारत के रवि कुमार दहिया और रूसी पहलवान जवुर यूगेव आमने-सामने थे. 57 किलो ग्राम भारवर्ग के इस मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थी. गौरतलब है कि रवि दहिया ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पहलवान हैं. इनसे पहले सुशील कुमार 2012 में फाइनल में पहुंचे थे.

कुश्ती में भारत का यह दूसरा रजत पदक है. इससे पहले सुशील कुमार लंदन ओलंपिक 2012 के फाइनल में पहुंचे थे लेकिन उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था. टोक्यो खेलों में भारत ने अपना दूसरा रजत पदक हासिल किया. इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा भार वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया था.

भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान खशाबा जाधव थे. उन्होंने हेलसिंकी ओलंपिक 1952 में कांस्य पदक जीता था. उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया. सुशील ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक जीतने वाले अकेले भारतीय थे और अब बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू ने यहां कांस्य जीतकर इसकी बराबरी की. लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था. वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक 2016 में कांसे का तमगा हासिल किया था.

Comments are closed.