Paris: फ्रांस के कैथोलिक चर्चस मे होता है बच्चों का योंन शोषण

मंगलवार को स्वतंत्र कमीशन की एक रिपोर्ट आने वाली है जिसमें इस बात का खुलासा होगा कि कितने बड़े पैमाने पर बच्चों का यौन शोषण हो रहा है फ्रांस के चर्चस मे

पेरिस : एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा इन दिनों चर्चा में है। यह बड़ा खुलासा हुआ है फ्रांस के कैथोलिक चर्चस की। एक स्वतंत्र कमीशन ने अपनी जांच में पाया है कि प्रांत के कैथोलिक चर्चों में बच्चों का यौन शोषण किया जाता था। जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं वह बेहद चौंकाने वाले हैं बताया जा रहा है कि 1950 से लेकर अब तक फ्रांस स्थित कैथोलिक चर्च के अंदर हजारों पीडोफाइल क्षत्रिय थे। अब आप कहेंगे पीडोफाइल किसे कहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि पीडोफाइल ऐसे लोगों को कहते हैं जिनकी निगाह बच्चों के प्रति बहुत ही गंदी होती है और वें बच्चों के साथ यौन शोषण करते हैं।

 

 कितने पीडोफाइल थे सक्रिय

स्वतंत्र कमीशन ने अपनी जांच में पाया है कि 1950 से लेकर अब तक कम से कम 2900 से 3200 पीडोफाइल पादरी या अन्य चर्च के सदस्यों ने बच्चों का यौन शोषण किया था। कमीशन ने कहा कि यह उनका एक मोटा मोटी आंकड़ा है असलियत इससे भी भयावह हो सकता है और यह आंकड़े और भी आगे बढ़ सकते हैं उन्होंने केवल फ्रांस के चर्चाओं में करीब ढाई साल तक किए गए अध्ययन रिपोर्ट के बाद ही आंकड़े सामने लाए हैं जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को जारी होने जा रही है।

करीब 25 सौ पन्नों की इस रिपोर्ट को चर्च कोर्ट पुलिस और गवाहों के साक्षात्कार के आधार पर तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट में पीडोफाइल्स के बारे में हर एक बात बताई गई है उस विषय पर भी चर्चा किया गया है कि किस प्रकार पीडोफाइल चर्च के अंदर भी सक्रिय थे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस स्वतंत्र कमीशन का गठन खुद चर्च द्वारा साल 2018 में किया गया था उस समय कई स्कैंडल के खुलासे में फ्रांस की कैथोलिक चर्चों की व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा किया था।

 कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने

आपको बता दें कि सन् 2018 में जब इस पे कमीशन का गठन किया गया था तो एक टेलीफोन हॉटलाइन जारी की गई थी जिस पर कई सारे कॉल और मैसेज एस शिकायतों से भरी हुई रोज मिलती थी जिसके बाद ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनके आधार पर कई सारे बड़े नामों के खुलासे हो सकते हैं। इस अध्ययन में कानूनी विशेषज्ञ डॉक्टर इतिहासकार सोशियोलॉजिस्ट और अन्य एक्सप्रेस शामिल है जिनकी वजह से यह जांच मुमकिन हो पाई है।

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