पीएम मोदी का निजी सचिव बताकर ठगी की कोशिश, दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी सचिव बताकर एक व्यक्ति द्वारा ठगी की कोशिश करने का मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बात की पुष्टि दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने ट्वीट करके दी है।

जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल को पीएम ऑफिस में कार्यरत मोदी के निजी सचिव विवेक कुमार के नाम से फर्नीचर डिजाइनर कुणाल मर्चेंट को मेल आया कि पीएम मोदी अपने ऑफिस के लिए एक मेज बनवाना चाहते है, जो उनके पर्सनल ऑफिस में रखी जायेगी और आने वाले प्रधानमंत्री भी उसका उपयोग करेंगे। कुणाल मर्चेन्ट ने 14 अप्रैल को मेल का जवाब दिया कि वो अपनी राजनैतिक और वैचारिक सोच के चलते पीएम ऑफिस के इस ऑफर को स्वीकार नही कर सकते। जिसके बाद उन्होंने एक लिखित शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को दी। कमिश्नर ने पीएम ऑफिस से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी जांच स्पेशल सेल को सौंप दी और हिदायत दी कि मामले को जल्दी से सुलझाया जाए।

मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट को सौंपी गई है। पुलिस ने जालसाजी, नकली नाम से पहचान बताने और अपनी पहचान छुपाने के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी शख्स की पहचान हो गई है और 16 अप्रैल को पुलिस ने उसे अपने लैपटॉप सहित स्पेशल सेल के दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया है।

जानकारी के अनुसार विवेक कुमार 2004 बैच के आईएफएस अधिकारी है और राजस्थान के झुंझुनू जिले के बहादुरवास गांव के रहने वाले है। अभी वो पीएम मोदी के निजी सचिव है। विवेक कुमार ने आईआईटी मुम्बई से अपनी शिक्षा पूरी की और वर्ष 2004 में सिविल सर्विस की परीक्षा पास करके आईएफएस अधिकारी बने थे।

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