पुलिसकर्मियों का पेंशन डाटा अपडेट कराने के नाम पर 25 करोड़ ठगने वाला शातिर गिरफ्तार

नोएडा: थाना साइबर क्राइम पुलिस ने झारखंड के जामतारा में बैठकर रिटायर्ड पुलिसकर्मियों का पेंशन डाटा अपडेट कराने के नाम पर ठगने वाले एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इस तरह करीब 25 करोड़ रुपए की ठगी की है। साइबर क्राइम टीम को जांच के दौरान आरोपी के विभिन्न बैंकों के 80 खातों की जानकारी मिली है। इससमे जमा डेढ़ लाख रुपए को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। साथ ही 40 वॉलेट में जमा 1 लाख 80 हजार रुपए भी पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है। आरोपी ज्यादातर रिटायर पुलिसकर्मियों को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाते हैं।
पुलिस के मुताबिक नूर अली निवासी भागलपुर, बिहार अपने भाई अफसर अली और साथी सफरुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी, अहमद अंसारी, अंकित कुमार और छोटन मंडल निवासी जामतारा, झारखंड के साथ मिलकर ठगी का गिरोह चला रहा था। यह लोग ट्रेजरी ऑफिसर बन कर अलग-अलग प्रदेशों में रिटायर हुए विभिन्न विभागों के कर्मियों को पेंशन का डाटा अपडेट करने के लिए कॉल कर बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल कर उनसे ओटीपी मांग कर उनके खाते पर (ऑनलाइन बैंकिंग) एक्टिवेट कर लेते थे। उसके बाद उनके खाते में जमा धनराशि को फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस ने आरोपी नूर अली को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है।
भरोसा जीतकर करते थे ठगी
सेक्टर 36 स्थित साइबर क्राइम थाने के प्रभारी विनोद पांडे ने बताया कि आरोपियों का मुख्य निशाना रिटायर हुए पुलिसकर्मी होते थे। यह लोग रिटायर होकर घर पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों को कॉल करते थे और उन्हें पूर्व में उनकी पोस्टिंग और पहले से इक_ा की गई अन्य संबंधित जानकारियां उन्हें देते हुए उनके मोबाइल पर एक ओटीपी भेज कर उनसे कहते थे कि आपका नौकरी के दौरान कुछ एरियर बाकी है जो आपके खाते में भेजा जाएगा। इस पर पुलिसकर्मी उनको ओटीपी बताते थे और वह इसके जरिए उसके बैंक खाते की नेट बैंकिंग एक्टिवेट कर लेते थे। बाद में आरोपी कर्मचारियों  के खाते में जमा रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
ठगी की रकम से पंजाब में बनवाई शानदार कोठी और शुरू किया व्यापार 
पुलिस ने बताया की आरोपी नूर अली ने ठगी के रुपयों से पंजाब के गोविंदगढ़ में आलीशान कोठी खरीदी है। कोठी के पास ही उसने स्क्रैप की एक फैक्ट्री भी लगाई थी जिसकी देखरेख उसके पिता कर रहे थे जबकि घर के पास ही उसने मोबाइल का बड़ा शोरूम अपने भाई को खुलवा दिया था। आरोपी ठगी के पैसों से व्यापार कर घर परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस आरोपियों द्वारा ठगी रकम को और कहां कहां इन्वेस्ट किया गया है, इसका पता लगा रही है।

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